गैंगस्टर अमन सिंह धनबाद जेल में हुए हिंसक झड़प में मारा गया, अमन के खौफ से कांपता था धनबाद

शूटर अमन सिंह ने धनबाद के एक पुलिस इंस्पेक्टर तथा होटवार के जेलर को मारने की भी धमकी दी थी। पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड में जब अमन सिंह को यूपी से गिरफ्तार कर धनबाद लाया गया था और पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की थी, उस वक्त उसने कांड के अनुसंधानकर्ता पुलिस इंस्पेक्टर निरंजन तिवारी को भी धमकी देने से परहेज नहीं किया था।

होटवार जेल के जेलर की हत्‍या की रची थी साजिश

इतना ही नहीं, जब कुछ दिनों के लिए उसे धनबाद से रांची के होटवार सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया था, उस वक्त उसका वहां के जेल प्रशासन से विवाद हुआ था। उसने होटवार जेल के जेलर की हत्या की साजिश भी कर ली थी। इसका खुलासा तब हुआ जब रंगदारी के एक मामले में अमन सिंह को रिमांड पर लेकर पुलिस ने पूछताछ की। तब उसने पुलिस को होटवार जेल के जेलर की हत्या की साजिश रचने की बात बताई थी।

यहां तक कि उसने जेलर की हत्या के लिए अपने खास शूटर अभिनव प्रताप सिंह को सुपारी भी दे दी थी। हालांकि वह वारदात को अंजाम नहीं दे सका था।

अमन सिंह रांची में भी खौफ पैदा करना चाहता था। जब अमन के खास अभिनव को उद्योगपतियों से रंगदारी मांगने के मामले में लखनऊ में गिरफ्तार किया गया था, तब अभिनव सिंह ने इन बातों की जानकारी पुलिस को दी थी

बाघमारा में भी कोयले का कारोबार करना चाहता था अमन

अमन कोयला कारोबार में खुद का डीओ लगाने की सोच रहा था। बाघमारा के विधायक ढुलू महतो के क्षेत्र से वह कोयला उठाने की कोशिश में था। इसलिए अमन ने विधायक के करीबी राजेश गुप्ता की हत्या की साजिश रची थी। राजेश की हत्या के लिए अभिनव ने आठ दिन तेतुलमारी में रहकर रेकी की थी। वह रवि ठाकुर के घर ठहरा था।

दो पिस्टल और 10 मैगजीन लेकर अभिनव उप्र से आया था। पल्सर बाइक की व्यवस्था रवि ने ही की थी। जिस जिन हत्या करनी थी, उस दिन काफी भीड़ थे। इस कारण काम नहीं हो पाया था। वह बम फेंककर वहां से भाग गया था।

अभिनव ने पुलिस को बताया था कि अमन के कहने पर ही उसने मां अंबे आउटसोर्सिंग के मैनेजर और उसके ड्राइवर पर गोली चलवाई थी। गोविंदपुर सिटी पेट्रोल पंप में फायरिंग भी अमन सिंह के कहने पर ही किया गया था। जीएम रेड्डी की गाड़ी पर फायरिंग और व्यवसायियों से रंगदारी मांगने में भी उसकी भूमिका थी।

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