भोपाल के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी, आज नए निशातपुरा स्टेशन का उद्घाटन करेंगे CM मोहन यादव

भोपाल। राजधानी के रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। करीब तीन साल पहले तैयार हो चुके निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर आखिरकार नियमित यात्री सेवाओं की शुरुआत होने जा रही है। मंगलवार, 28 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव यहां मालवा एक्सप्रेस और जबलपुर-वेरावल सोमनाथ एक्सप्रेस के नए ठहराव का शुभारंभ करेंगे। इससे भोपाल मुख्य रेलवे स्टेशन पर यात्रियों और ट्रेनों की भीड़ का दबाव घटेगा, वहीं शहर के उत्तरी व पूर्वी इलाकों के निवासियों को अपने नजदीकी स्टेशन से ही लंबी दूरी की ट्रेनें मिल सकेंगी।
मुख्यमंत्री शाम 5 बजे दिखाएंगे हरी झंडी
आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गाड़ी संख्या 12919 डॉ. अंबेडकर नगर-श्री माता वैष्णो देवी कटरा मालवा एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर निशातपुरा में इसके स्टॉपेज का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही गाड़ी संख्या 11463/11464 जबलपुर-वेरावल सोमनाथ एक्सप्रेस के ठहराव की भी औपचारिक शुरुआत होगी। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, खेल मंत्री विश्वास सारंग, राज्यमंत्री कृष्णा गौर, भोपाल सांसद आलोक शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि और रेलवे के वरिष्ठ अफसर मौजूद रहेंगे।
भोपाल स्टेशन पर कम होगा ट्रेनों का बोझ
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (सीनियर डीसीएम) सौरभ कटारिया के अनुसार, भोपाल स्टेशन से रोजाना लगभग 230 ट्रेनें गुजरती हैं और करीब 50 हजार यात्री आवाजाही करते हैं। लंबी दूरी की प्रमुख ट्रेनों का स्टॉपेज निशातपुरा में तय होने से मुख्य स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ नियंत्रित होगी। इससे ट्रेनों के परिचालन में समयबद्धता आएगी और ट्रेनों की गति में भी सुधार संभव हो सकेगा।
तीन साल के इंतजार के बाद मिला चौथा प्रमुख स्टेशन
जून 2023 में बनकर तैयार हुआ निशातपुरा रेलवे स्टेशन प्लेटफॉर्म, वेटिंग रूम, टिकट काउंटर और पार्किंग जैसी सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस था, लेकिन नियमित ट्रेनों की आवाजाही शुरू नहीं हो सकी थी। अब तीन साल के लंबे इंतजार के बाद यह पूरी तरह चालू हो रहा है और यह भोपाल का चौथा प्रमुख रेलवे स्टेशन बन जाएगा।
शहर के बड़े हिस्से को मिलेगा सीधा फायदा
निशातपुरा स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव शुरू होने से भोपाल के उत्तरी और पूर्वी क्षेत्रों में रहने वाले हजारों नागरिकों को दूर दराज जाने के लिए मुख्य स्टेशन तक का सफर नहीं तय करना पड़ेगा। व्यावसायिक, धार्मिक व पर्यटन यात्राओं पर निकलने वाले यात्रियों के समय और दूरी दोनों की सीधी बचत होगी।
