मुंबई में मूसलाधार बारिश का कहर: अलग-अलग हादसों में 8 लोगों ने गंवाई जान

मुंबई: मायानगरी मुंबई में मानसूनी आफत ने भारी तबाही मचाई है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते शहर के अलग-अलग हिस्सों में हुए दर्दनाक हादसों में आठ लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण मुंबई की रफ्तार पर भी ब्रेक लग गया है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। भारी बारिश और खराब दृश्यता के चलते छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमानों का संचालन भी करीब एक घंटे तक ठप करना पड़ा। रविवार की सुबह से रात तक दक्षिण मुंबई के साथ-साथ पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई, जिसने शाम ढलते ही और विकराल रूप अख्तियार कर लिया।

मानखुर्द में तीन मंजिला चॉल जमींदोज, मलबे से निकले शव

महानगर के मानखुर्द इलाके से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां जनता नगर स्थित एक तीन मंजिला चॉल अचानक भरभराकर ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस भयानक हादसे में छह मासूम लोगों की मलबे में दबने से मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ है। स्थानीय प्रशासन और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत मोर्चा संभाला और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मलबे से निकाले गए पीड़ितों को जब नजदीकी शताब्दी और राजावाड़ी अस्पतालों में ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने छह लोगों को मृत घोषित कर दिया। फिलहाल प्रशासन को मलबे में और भी लोगों के दबे होने की आशंका है, जिसके लिए राहत कार्य लगातार जारी है।

लापरवाही ने ली राहगीर की जान, इमारत की ग्रिल गिरने से हादसा

मुंबई से सटे नवी मुंबई इलाके में एक और लापरवाही का नतीजा एक बेकसूर युवक को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा। यहां फुटपाथ से गुजर रहे एक युवक के ऊपर एक इमारत की भारी-भरकम ग्रिल अचानक आ गिरी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित इमारत के मालिक को पहले ही स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने के लिए कड़ा नोटिस जारी किया गया था, लेकिन इस चेतावनी को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। इस प्रशासनिक अनदेखी और मकान मालिक की लापरवाही ने आखिरकार एक हंसते-खेलते युवक की जिंदगी छीन ली।

कुर्ला में पेड़ गिरने से बुजुर्ग की मौत, हादसों का सिलसिला जारी

मुंबई में भारी बारिश के दौरान कमजोर हो चुके पेड़ों का गिरना अब जानलेवा साबित हो रहा है। कुर्ला पश्चिम के नौपाड़ा इलाके में एक दुकान के ऊपर विशालकाय पेड़ गिरने से 63 वर्षीय बुजुर्ग यूनुस कुंदावाला मलबे में दब गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। गौरतलब है कि शहर में पेड़ गिरने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे ठीक एक दिन पहले गोरेगांव की आरे कॉलोनी में बाइक सवार एक 18 साल के युवक पर पेड़ की डाल गिरने से उसकी मौत हो गई थी, जबकि पिछले हफ्ते चेंबूर में भी एक स्कूल बस पर पेड़ गिरने से 11 साल के बच्चे ने दम तोड़ दिया था। लगातार हो रहे इन हादसों ने स्थानीय प्रशासन के दावों और मानसून की तैयारियों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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