हिमंत सरमा बोले- मॉक संसद में राहुल PM, लेकिन असली संसद में मोदी का ही दबदबा

गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक तंज कसा है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि सोनिया गांधी अपने बेटे राहुल गांधी को देश का प्रधानमंत्री बनाने के लिए लंबे समय से प्रयासरत थीं और इसके लिए कई तरह के जतन भी किए गए। जब उनके सभी प्रयास पूरी तरह विफल हो गए, तो कांग्रेस के नेताओं ने हताशा में मल्लिकार्जुन खरगे के आवास के लॉन में एक 'मॉक संसद' (प्रतीकात्मक संसद) का आयोजन किया और वहीं पर राहुल गांधी को प्रधानमंत्री घोषित कर दिया। मुख्यमंत्री सरमा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जमीनी हकीकत यही है कि राहुल गांधी केवल काल्पनिक या 'मॉक संसद' में ही प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं, जबकि देश की वास्तविक संसद में नरेंद्र मोदी ही प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व करते रहेंगे।
दिल्ली-गुवाहाटी बुलेट ट्रेन परियोजना की स्वीकृति पर खुशी
दूसरी ओर, दिल्ली से गुवाहाटी के बीच प्रस्तावित हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन लाइन को आधिकारिक मंजूरी मिलने पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गहरी खुशी और संतोष व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि इस बहुप्रतीक्षित परियोजना को सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है, हालांकि धरातल पर काम शुरू करने से पहले कई तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा किया जाना बाकी है। सरमा ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत के लिए सबसे बड़ी और उत्साहजनक खबर यह है कि अब गुवाहाटी देश के बुलेट ट्रेन नेटवर्क के नक्शे पर प्रमुखता से शामिल हो गया है। उन्होंने इस परियोजना के मार्ग को 'चिकन नेक' यानी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सिलीगुड़ी कॉरिडोर से होकर तय किए जाने को पूर्वोत्तर की सुरक्षा और कनेक्टिविटी के लिहाज से ऐतिहासिक कदम बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री को दिया परियोजना का श्रेय
अपनी आगामी कार्ययोजना की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे शीघ्र ही नई दिल्ली का दौरा करेंगे और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से व्यक्तिगत मुलाकात कर इस विशाल परियोजना से जुड़ी विस्तृत रूपरेखा और बारीकियों पर चर्चा करेंगे। उन्होंने केंद्र सरकार के इस कदम को एक अत्यंत उल्लेखनीय, साहसिक और दूरदर्शी निर्णय करार दिया। सरमा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजनरी नेतृत्व और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की तत्परता के कारण ही असम को इतनी बड़ी और आधुनिक रेल परियोजना की सौगात मिल पाई है। उनके अनुसार, यह ऐतिहासिक निर्णय असम और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के सफर में एक मील का पत्थर साबित होगा।
