ग्वालियर में दर्दनाक घटना, महिला बोली- शादी के बाद से करता था प्रताड़ित

ग्वालियर: ग्वालियर के एक अस्पताल में भर्ती 26 वर्षीय महिला की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। महिला ने अपनी मौत से ठीक पहले अस्पताल के बेड से एक वीडियो रिकॉर्ड किया है, जिसमें उसने अपने पति पर बेरहमी से मारपीट करने और जबरन तेजाब पिलाने का रोंगटे खड़े कर देने वाला आरोप लगाया है। पुलिस अब इस वीडियो, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर मामले की गहराई से जांच कर रही है।

अस्पताल में तोड़ा दम, वीडियो में बयां किया दर्द

बीते 22 जून को थाटीपुर थाना क्षेत्र की न्यू मेहर कॉलोनी में रहने वाली निशा राठौर को बेहद गंभीर हालत में जयारोग्य अस्पताल (JAH) में भर्ती कराया गया था, जहाँ बुधवार शाम को उन्होंने दम तोड़ दिया। मौत से पहले सामने आए वीडियो में निशा की हालत बेहद नाजुक दिख रही है। वीडियो में वह कह रही हैं कि उनके पति गजेंद्र राठौर पिछले तीन-चार दिनों से उनके साथ लगातार मारपीट कर रहे थे और जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो पति ने उन्हें जबरन तेजाब (एसिड) पिला दिया।

दो महीने की गर्भवती थीं निशा, पूर्व में भी की थी शिकायत

निशा के मायके वालों के मुताबिक, वह दो महीने की गर्भवती थीं और उन्होंने इस बात की जानकारी अपनी मां सुनीता राठौर को भी दी थी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि गर्भावस्था की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी।

जांच में यह भी पता चला है कि निशा और गजेंद्र की शादी 1 मई 2022 को हुई थी, लेकिन शादी के बाद से ही दोनों के बीच विवाद चल रहा था। निशा ने करीब ढाई साल पहले (31 दिसंबर 2023) भी थाटीपुर थाने में पति के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और मारपीट की शिकायत दर्ज कराई थी। उस समय पति गजेंद्र ने थाने में लिखित समझौता किया था कि वह भविष्य में कभी पत्नी को परेशान नहीं करेगा और यदि उसने ऐसा किया, तो पुलिस उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकती है।

मर्ग कायम, हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस

इस मामले में ग्वालियर के सीएसपी रोबिन जैन ने बताया कि महिला की मौत के बाद फिलहाल मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने साफ किया कि निशा द्वारा बनाए गए वीडियो, परिजनों के बयानों और डॉक्टरों की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पति के खिलाफ आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है ताकि मौत के सटीक कारणों का पता चल सके।

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