IAS उमेश प्रताप सिंह ने अपर मुख्य सचिव गृह को लिखा पत्र, खुद को बताया बेक़सूर

लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजधानी लखनऊ (Lucknow) के चिनहट के विकल्पखंड स्थित सूडा के निदेशक उमेश प्रताप सिंह (State Urban Development Authority Director Umesh Pratap Singh) की पत्नी अनीता की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद शनिवार शाम अपर मुख्य सचिव गृह को पत्र लिखा है. जिसमें उन्होंने खुद को बेक़सूर बताया है और मामले में जांच की बात कही है.
मानहानि और ब्लैकमेलिंग की दी तहरीर
आईएएस अफसर ने मृतका के चचेरे भाई राजीव सिंह के खिलाफ मानहानि और ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाते हुए चिनहट कोतवाली में तहरीर दे दी है. उमेश ने राजीव सिंह के भाई और दयाल पैराडाइज के मालिक राजेश सिंह पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. आईएएस उमेश प्रताप सिंह ने अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी से एडीजी बीके सिंह के खिलाफ शिकायत करते हुए अपनी सुरक्षा की मांग की है. उमेश ने कहा है कि राजीव कुमार सिंह अपने बहनोई एक सीनियर आईपीएस अधिकारी के प्रभाव का प्रयोग करके उनके खिलाफ साजिश कर रहे हैं.
प्रॉपर्टी पर कब्जा करने का लगाया आरोप
सूडा निदेशक का आरोप है कि चचेरे साले राजीव सिंह उनके ससुर राम इकबाल सिंह की गांव की प्रॉपर्टी पर कब्जा करना चाहते हैं. उमेश प्रताप का आरोप है कि ब्लैकमेल करने के लिए राजीव ने उनके खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करवाई है. पुलिस ने महज उनकी तहरीर के आधार पर हत्या की रिपोर्ट कैसे दर्ज कर ली यह अपने आप में सवाल है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी है.
क्या था मामला
बता दें कि बीते दिनों सूडा में डायरेक्टर के पद पर तैनात आईएएस उमेश सिंह की पत्नी अनीता की गोली लगाने से संदिग्ध मौत हुई थी. शुरुआती जांच में पुलिस इसे सुसाइड मान रही थी, लेकिन मृतका के चचेरे भाई राजीव के आरोप पर पुलिस ने आईएएस पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. वहीं, अब मामले में मृतका की बेटी उपासना सिंह ने एक सीनियर आईपीएस अधिकारी पर आरोप लगाया है कि उनके इशारे पर साजिश के तहत पिता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है और पूरे परिवार को जान का खतरा है.
