अवैध निर्माण ने ली मासूमों की जान, दिल्ली के साकेत इलाके में ढही गगनचुंबी इमारत

नई दिल्ली:दक्षिण दिल्ली के साकेत के पास सैदुल्लाजाब इलाके में शनिवार शाम को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां वेस्टर्न मार्ग की गली नंबर-5 में एक अवैध छह मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि करीब 12 लोग घायल हुए हैं। हादसा उस समय हुआ जब इमारत की सातवीं मंजिल पर छत ढालने (लेंटर डालने) की तैयारी चल रही थी। मलबे में दबे घायलों को तुरंत पास के मैक्स, एम्स और सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है।

बचाव कार्य के लिए जुटीं तमाम एजेंसियां

अग्निशमन विभाग को शनिवार शाम करीब 7:45 बजे इमारत गिरने की जानकारी मिली थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत दमकल की गाड़ियों को मौके पर रवाना किया गया। राहत और बचाव कार्य को तेजी से चलाने के लिए एनडीआरएफ (NDRF), दिल्ली पुलिस, दिल्ली नगर निगम (MCD) और खोजी कुत्तों (स्निफर डॉग्स) की टीमों को काम पर लगाया गया। दक्षिणी रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय कुमार ने बताया कि अभी भी मलबे में दो से तीन लोगों के फंसे होने की आशंका है, जिसके लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है।

मृतक और घायलों की हुई पहचान

इस हादसे में जान गंवाने वाले एक युवक की पहचान 26 वर्षीय रवि के रूप में हुई है। वहीं, मलबे से सुरक्षित निकाले गए घायलों में गुरुग्राम के तरुण कुमार (26), बिहार के मोतिहारी की साइका खान (27), सैदुलाजाब की नीलम यादव (25), साकेत के आदित्य शर्मा (24), नोएडा के क्षितिज प्रताप (25), साकेत के अनुज दीक्षित (25), सैदुलाजाब की आस्था (25) और साकेत के विशाल (24) शामिल हैं।

अपनों को बचाने दौड़े स्थानीय लोग

शनिवार रात को जब यह बहुमंजिला इमारत गिरी, तो कुछ मिनटों के लिए पूरे इलाके में सिर्फ धूल का गुबार, चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल था। लेकिन इस मुश्किल वक्त में स्थानीय लोगों ने गजब की इंसानियत और हिम्मत दिखाई। सरकारी राहत टीमों के पहुंचने से पहले ही आसपास के लोग अपनी जान की परवाह किए बिना मलबे की तरफ दौड़ पड़े। स्थानीय निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए मलबे में दबे तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे उनकी जान बच सकी।

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