नागपुर चुनाव में निर्दलीय कराले मास्टर की भावुक अपील, BJP-कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर

नागपुर। महाराष्ट्र विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह क्षेत्र नागपुर स्नातक सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुँच गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस सीट पर जीत सुनिश्चित करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी और प्रत्याशी सुधाकर कोहाले की जीत लगभग तय मानी जा रही थी, लेकिन मतगणना के रुझानों ने स्थिति को रोमांचक बना दिया है। पहले दौर में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी आगे चल रहे थे, हालाँकि दूसरे दौर की गिनती के बाद भाजपा के सुधाकर कोहाले ने 4,291 मतों की बढ़त हासिल कर ली है। इस चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी नितेश कराले (कराले मास्टर) का प्रदर्शन सबसे अधिक चर्चा का विषय बना हुआ है।
दूसरी वरीयता के वोटों से तय होगा फैसला
प्राप्त आँकड़ों के अनुसार दोनों चरणों की गणना के बाद कुल 1,50,874 मत वैध पाए गए, जिसके आधार पर जीत का कोटा 75,438 वोट निर्धारित किया गया। चूँकि पहली वरीयता के वोटों में कोई भी उम्मीदवार इस निर्धारित आँकड़े को नहीं छू सका, इसलिए अब नियमों के अनुसार दूसरी वरीयता के मतों की गिनती शुरू कर दी गई है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की चुनाव प्रणाली के तहत जब पहली वरीयता में कोटा पूरा नहीं होता, तो सबसे कम वोट पाने वाले प्रत्याशियों को बाहर कर उनके मतपत्रों पर दी गई दूसरी वरीयता के वोटों को प्रमुख उम्मीदवारों के खाते में जोड़ा जाता है।
निर्दलीय प्रत्याशी नितेश कराले ने चौंकाया
चुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़ रहे नितेश कराले ने 24,249 वोट हासिल कर तीसरा स्थान प्राप्त किया है और वे सभी के लिए कौतूहल का केंद्र बन गए हैं। मतदान से ठीक पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) द्वारा छह साल के लिए निलंबित किए जाने के बाद उनका एक भावुक वीडियो सामने आया था, जिससे उन्हें मिला सहानुभूति का वोट काफी बढ़ा। अब आगे की मतगणना में नितेश कराले को मिले मतपत्रों पर दर्ज दूसरी वरीयता के वोट ही सुधाकर कोहाले और अभिजीत वंजारी की अंतिम हार-जीत तय करने में मुख्य भूमिका निभाएंगे।
दिग्गजों का प्रचार और अवैध वोटों का असर
नागपुर को भाजपा का गढ़ माना जाता है, जहाँ सुधाकर कोहाले के समर्थन में खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और पार्टी नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने धुआंधार चुनाव प्रचार किया था। इस बीच चुनाव में 1,65,541 में से 15,106 मत अवैध करार दिए गए हैं, जो अंतिम परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं। फिलहाल भाजपा के सुधाकर कोहाले 4,291 मतों की बढ़त बनाए हुए हैं, लेकिन अंतिम परिणाम दूसरी वरीयता की पूरी गिनती संपन्न होने के बाद ही घोषित होगा।
