US में छाया भारतीय आमों का स्वाद, देखते ही देखते खाली हुई दुकानें

न्यूयॉर्क: भारतीय आमों के लाजवाब स्वाद का जादू अब अमेरिकी नागरिकों के सिर चढ़कर बोल रहा है। अमेरिका के सिएटल शहर में भारतीय वाणिज्य दूतावास (Indian Consulate) द्वारा आयोजित 'मैंगो मैजिक' कार्यक्रम में भारतीय आमों ने ऐसी धूम मचाई कि अमेरिकी ग्राहक और वहाँ के बड़े रिटेल कारोबारी इसके दीवाने हो गए। इस खास इवेंट में भारत की 7 सबसे प्रीमियम और मशहूर आम की किस्मों को प्रदर्शित किया गया था। भारतीय आमों की दीवानगी का आलम यह रहा कि अमेरिकी रिटेल दिग्गज 'कॉस्टको' (Costco) के स्टोर्स पर आम पहुंचते ही महज 2 घंटे के भीतर पूरा का पूरा स्टॉक साफ हो गया।
'मैंगो मैजिक' में चखा भारत के सात सुल्तानों का स्वाद
सिएटल में 'मैंगो मैजिक: प्रमोशन एंड टेस्टिंग इवेंट ऑफ इंडियन मैंगोज' का यह दूसरा सफल संस्करण था। इस कार्यक्रम में अमेरिकी रिटेल कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों और बड़े फल आयातकों ने शिरकत की। कार्यक्रम में भारत के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे इन चुनिंदा आमों का जायका परोसा गया:
| भारतीय आम की प्रीमियम किस्म | उत्पादक राज्य |
| अल्फांसो और केसर | महाराष्ट्र |
| बंगनपल्ली और हिमायत | आंध्र प्रदेश |
| दशहरी और लंगड़ा | उत्तर प्रदेश |
| राजापुरी | गुजरात |
इन अमेरिकी शहरों में मची भारी डिमांड
कॉस्टको कंपनी ने हाल ही में अमेरिकी बाजार में भारतीय 'केसर' आम की पहली खेप उतारी है। कंपनी ने अमेरिका के प्रमुख शहरों— सिएटल, लास वेगास, न्यू जर्सी और लॉस एंजेलिस के सुपरस्टोर्स में इसे बिक्री के लिए रखा। इन सभी स्टोर्स से महज दो घंटे के भीतर भारतीय आम आउट ऑफ स्टॉक हो गए, जो इसकी जबरदस्त वैश्विक मांग को दर्शाता है।
अमेरिकी दिग्गजों ने बांधे तारीफों के पुल
वॉशिंगटन राज्य के उप-राज्यपाल डेनी हेक ने भारतीय आमों की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि वे अब कभी भी भारतीय आमों के सीजन का पहला दिन मिस नहीं करेंगे। वहीं, कॉस्टको के फ्रेश प्रोड्यूस विभाग के वाइस प्रेसिडेंट बॉब हस्की ने कहा कि भारतीय केसर आम को लेकर ग्राहकों की प्रतिक्रिया अद्भुत है और वे भारत के साथ इस व्यापार से बेहद खुश हैं।
एक्सपोर्ट में 130% की ऐतिहासिक ग्रोथ, किसानों को बड़ा मुनाफा
भारत दुनिया का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश है, जहां सालाना 2.6 करोड़ मीट्रिक टन से अधिक आम पैदा होता है और यहाँ 1000 से ज्यादा किस्में पाई जाती हैं। अमेरिका में भारतीय आमों का एक्सपोर्ट साल 2007 में दोबारा शुरू हुआ था, जिसने अब रफ्तार पकड़ ली है।
आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023-24 में अमेरिका को होने वाला भारतीय आमों का निर्यात बढ़कर 1 करोड़ डॉलर (लगभग 83 करोड़ रुपये) के पार पहुंच गया है, जो पिछले साल की तुलना में 130 प्रतिशत की रिकॉर्ड बढ़ोतरी है।
वैश्विक पटल पर भारत की बढ़ती कृषि शक्ति
अल्फांसो और केसर के बाद अब दशहरी, लंगड़ा और हिमायत जैसी देसी किस्में भी सात समंदर पार अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोल्ड चेन और सप्लाई चेन को थोड़ा और दुरुस्त कर लिया जाए, तो भारतीय आम दुनिया के फल बाजार पर पूरी तरह राज कर सकता है। अमेरिका जैसे बड़े बाजार में भारतीय आम की यह ऐतिहासिक सफलता न केवल देश की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि भारत के आम उत्पादक किसानों की आय में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज कराएगी।
