समुद्र में बढ़ी भारत की ताकत, लॉन्च हुआ स्वदेशी DSC A24 युद्धपोत

कोलकाता:भारतीय नौसेना के बेड़े ने अपनी परिचालन और सामरिक क्षमताओं को मजबूत करते हुए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कोलकाता स्थित टीटागढ़ शिपयार्ड में नव-निर्मित अत्याधुनिक युद्धपोत 'डीएससी A24' (DSC A24) को आधिकारिक तौर पर जल में उतारा गया। पूरी तरह से घरेलू स्तर पर निर्मित यह पोत भारत की समुद्री सीमाओं की रक्षा प्रणाली को अभूतपूर्व मजबूती प्रदान करेगा।

पारंपरिक सैन्य गरिमा के बीच हुगली नदी में हुआ आधिकारिक जलावतरण

इस भव्य और महत्वपूर्ण अवसर पर नौसेना के कार्मिक प्रमुख वाइस एडमिरल गुरचरण सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। नौसेना के कई वरिष्ठ अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों की उपस्थिति में सभी पारंपरिक सैन्य रीति-रिवाजों का पालन करते हुए इस जहाज को हुगली नदी के पवित्र जल में प्रवेश कराया गया।

कैटामरन-हल संरचना पर आधारित उन्नत 'यार्ड 329' परियोजना की विशेषताएं

तकनीकी रूप से 'यार्ड 329' के नाम से पहचाना जाने वाला यह जहाज डाइविन्ग सपोर्ट क्राफ्ट (DSC) श्रृंखला का पांचवां तथा अंतिम पोत है, जिसे टीटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड (TRSL) द्वारा निर्मित किया गया है। लगभग 300 से 400 टन वजनी इस पोत को विशेष 'कैटामरन-हल' संरचना पर ढाला गया है, जिसमें दो समानांतर पतवारें शामिल हैं। यह विशेष बनावट समुद्र की प्रचंड लहरों के बीच भी पोत को उत्कृष्ट संतुलन और गतिशीलता प्रदान करती है।

आत्मनिर्भर भारत की मिसाल और नौसैनिक गोताखोरी अभियानों में नई गति

यह पोत राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में एक बड़ा कदम है, क्योंकि इसके निर्माण में प्रयुक्त 70 प्रतिशत से अधिक मुख्य प्रणालियां और उपकरण भारतीय उद्योगपतियों तथा कंपनियों द्वारा विकसित किए गए हैं। यह पोत समुद्र के भीतर गोताखोरी अभियानों, राहत एवं बचाव कार्यों, जलीय खोजबीन तथा तटीय निगरानी में नौसेना को सीधे तौर पर नई कार्यकुशलता और दक्षता प्रदान करेगा।

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