प्रदीप पुर्णेकर हत्याकांड में जांच तेज, एसआईटी ने संभाली कमान

ठाणे। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के ठाणे जिला प्रमुख प्रदीप पुर्णेकर की सनसनीखेज हत्या के मामले में महाराष्ट्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में कुछ राजनीतिक हस्तियों के नाम सामने आने के बाद सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है।
एसआईटी का गठन और पुलिस की टीमें
राज्य सरकार द्वारा गठित इस विशेष जांच दल (SIT) में दो पुलिस उपायुक्त (DCP), दो सहायक पुलिस आयुक्त (ACP), दो पुलिस निरीक्षक और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है। एसआईटी का मुख्य उद्देश्य मामले की निष्पक्ष और तीव्र गति से जांच पूरी कर आरोपियों के खिलाफ पुख्ता आरोपपत्र अदालत में पेश करना है। इस मामले में फरार चल रहे चार मुख्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए ठाणे पुलिस, क्राइम ब्रांच और सीआईडी की कई विशेष टीमों को मैदान में उतारा गया है।
दो संदिग्ध गिरफ्तार, रेकी करने का खुलासा
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले कुछ दिनों तक पुर्णेकर की गतिविधियों पर गहरी नजर रखी थी और उनके कार्यालय की रेकी भी की थी। पुलिस ने इस मामले में अब तक पांच संदिग्धों की पहचान कर ली है और दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में यह भी पता चला है कि पप्या शिंदे नामक एक संदिग्ध का मृतक से पुराना परिचय था और वह उनके दफ्तर में आता-जाता रहता था। सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस हमलावरों की पहचान पुख्ता करने का प्रयास कर रही है, जो वारदात के समय हेलमेट और मास्क पहनकर आए थे।
हत्या के कारणों की गहन पड़ताल
इस सनसनीखेज हत्याकांड के पीछे राजनीतिक रंजिश, पुरानी व्यक्तिगत दुश्मनी या अन्य संभावित कारणों को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, पीड़ित परिवार ने कुछ राजनीतिक व्यक्तियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिन्हें संबंधित लोगों ने खारिज कर दिया है। पुलिस अभी किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहराई से जांच कर रही है। इस बीच, शोकाकुल माहौल में प्रदीप पुर्णेकर का अंतिम संस्कार संपन्न हो गया है, जबकि पुलिस बाकी फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
