लेबनान पर इजराइली हमले जारी, क्षेत्र में हालात बिगड़े

जिनेवा: अमेरिका और ईरान के बीच फ्रांस में हुए ऐतिहासिक शांति समझौते के बाद आज स्विट्जरलैंड में होने वाली बेहद महत्वपूर्ण बैठक अचानक रद्द कर दी गई है। इस बैठक में समझौते को आगे बढ़ाने पर चर्चा होनी थी, लेकिन लेबनान में इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच भड़की ताजा हिंसा को इसकी मुख्य वजह माना जा रहा है।
बैठक रद्द होने की मुख्य वजह
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लेबनान में इजराइल के लगातार जारी सैन्य हमलों के कारण यह बैठक टालनी पड़ी। शुक्रवार को इजराइली हवाई हमलों में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई। वहीं दूसरी तरफ, हिजबुल्लाह के पलटवार में एक टैंक बटालियन कमांडर समेत 4 इजराइली सैनिक भी मारे गए हैं।
'पूरा लेबनान जलना चाहिए': इजराइली मंत्री का विवादित बयान
अपने सैनिकों की मौत से नाराज होकर इजराइल के दक्षिणपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन गवीर ने बेहद तीखा और विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि "पूरा लेबनान जलना चाहिए।" बेन गवीर ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मांग की है कि हर एक इजराइली मां के आंसुओं के बदले अब एक हजार लेबनानी मांओं को रोना चाहिए।
बीते 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स
1. ईरान-अमेरिका पीस डील लागू: दोनों देशों के बीच जंग को पूरी तरह खत्म करने के लिए एक अंतरिम समझौते (MoU) पर दस्तखत हो चुके हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के वर्साय पैलेस में इस पर साइन किए थे।
2. स्विट्जरलैंड की बैठक टली: अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच पहली औपचारिक और तकनीकी बातचीत शुक्रवार को स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में होनी थी, जिसे अब स्थगित कर दिया गया है।
3. इजराइल का पीछे हटने से इनकार: अंतरराष्ट्रीय शांति समझौते के बावजूद इजराइली सेना (IDF) ने दक्षिणी लेबनान में अपनी तैनाती का नया नक्शा जारी कर साफ कर दिया है कि वे फिलहाल वहां से अपने सैनिक नहीं हटाएंगे।
4. होर्मुज जलडमरूमध्य से व्यापार तेज: शांति समझौते का बड़ा असर वैश्विक बाजार पर दिखने लगा है। समुद्री नाकेबंदी हटने के बाद होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही तेज हो गई है और सऊदी अरब के तीन बड़े तेल टैंकर वहां से सुरक्षित गुजर चुके हैं।
5. युद्धविराम के बीच भी मौतें: पीस डील के अमल में आने के बाद भी जमीनी स्तर पर तनाव बरकरार है। साउथ लेबनान में हुए इजराइली हमलों में 3 और लोगों की मौत हुई है। मार्च से शुरू हुई इस जंग में अब तक 3,900 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
