‘इन्फ्लुएंसर बनना बेहतर रहेगा’, CJP प्रमुख दीपके का प्रधानमंत्री पर कटाक्ष

नई दिल्ली। संसद में पास हुए पेपर लीक रोधी कानून और देश भर में जारी छात्र आंदोलनों को लेकर सियासत गरमा गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सही नीयत और कड़े अमल के बिना सिर्फ कानून बनाने से पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या दूर नहीं होगी।
पीएम के वीडियो पर कसा तंज
अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री के सोशल मीडिया वीडियो पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पीएम को इन्फ्लुएंसर बन जाना चाहिए और देश चलाने की जिम्मेदारी किसी अन्य व्यक्ति को सौंप देनी चाहिए। इससे पहले कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी प्रधानमंत्री पर कैमरा एंगल के बजाय सोच बदलने का तंज कसा था।
कानून लागू करने की नीयत पर उठाए सवाल
दीपके ने सरकारी तंत्र की ढिलाई को उजागर करते हुए बताया कि पेपर लीक मामले की पहली ही सुनवाई इसलिए टल गई क्योंकि सीबीआई के वकील अदालत में पेश ही नहीं हुए। उन्होंने कहा कि जब तक इसे लागू करने वाली एजेंसियों की नीयत साफ नहीं होगी, तब तक ऐसे कड़े कानूनों का कोई असर नहीं दिखेगा।
छात्र आंदोलन और सरकार के रुख पर नाराजगी
सीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि 20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और पेलेट गन चलाई। तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सरकार और छात्रों के बीच समझौता तो हुआ, लेकिन पुलिस अब भी छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस नहीं ले रही है और उन्हें परेशान कर रही है।
चुनाव में सबक सिखाने की चेतावनी
अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर छात्रों पर अत्याचार बंद नहीं हुआ, तो आगामी चुनावों में देश के युवा अपने वोट की ताकत से सरकार को करारा जवाब देंगे। वहीं, भाजपा सांसद कंगना रनौत के बयान पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए उन्होंने उन्हें पार्ट-टाइम नेता करार दिया।
