आयरलैंड की ऐतिहासिक जीत के हीरो जय मूंदड़ा, बताया कैसे टीम इंडिया पर बनाई बढ़त

आयरलैंड के बाएं हाथ के बेहद प्रतिभावान तेज गेंदबाज जय मूंदड़ा को भारत के खिलाफ खेली गई टी20 श्रृंखला के अंतिम और निर्णायक मुकाबले में उनके जादुई प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' और 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' के दोहरे सम्मान से नवाजा गया है। मूल रूप से भारत में जन्मे इस प्रतिभावान क्रिकेटर ने श्रृंखला के पहले मैच में मात्र 25 रन खर्च करके दो महत्वपूर्ण विकेट चटकाए थे, जबकि अगले और अंतिम मुकाबले में उन्होंने 32 रन देकर तीन बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई। आयरलैंड ने क्रिकेट इतिहास में पहली बार भारत जैसी दिग्गज टीम के खिलाफ कोई टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज अपने नाम की है, जिसके बाद जय ने बेहद खुशी जताते हुए कहा कि इंटरनेशनल लेवल पर देश का प्रतिनिधित्व करने का उनका पहला अनुभव वाकई 'लाजवाब' रहा।

सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब में ढहाया भारतीय बल्लेबाजी का किला

जय मूंदड़ा ने रविवार को बेलफास्ट के सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब मैदान पर 155 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को शुरुआत से ही बैकफुट पर धकेल दिया। उन्होंने सबसे पहले खतरनाक दिख रहे संजू सैमसन को पगबाधा (एलबीडब्ल्यू) आउट कर पवेलियन भेजा और इसके ठीक बाद सेट बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और कप्तान श्रेयस अय्यर का विकेट लेकर भारतीय मध्यक्रम की कमर तोड़ दी। जय द्वारा झटके गए इन तीन महत्वपूर्ण विकेटों की बदौलत आयरलैंड ने इस सांस रोक देने वाले मुकाबले में भारत को महज एक रन से हराकर एक बेहद ऐतिहासिक और यादगार श्रृंखला अपने नाम कर ली।

'दिग्गजों के खिलाफ खुद को परखना अद्भुत एहसास'

मैच समाप्ति के बाद आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह (प्रेजेंटेशन सेरेमनी) के दौरान भावुक होते हुए जय मूंदड़ा ने कहा, "मैं अभी भी इस अविश्वसनीय जीत के अहसास को शब्दों में बयां करने की कोशिश कर रहा हूँ। मेरे लिए इसे एक शब्द में समेटना वाकई मुश्किल है। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के खिलाफ मैदान पर उतरना और खुद को उनके सामने साबित करना एक बहुत बड़ा और अद्भुत एहसास है। मेरा पूरा ध्यान केवल लंबे समय तक अपनी बुनियादी और सटीक गेंदबाजी पर टिके रहने का था। इस ऐतिहासिक जीत का पूरा श्रेय टीम के अन्य साथियों और हमारे सपोर्ट स्टाफ को जाता है, जिन्होंने माहौल को हमेशा सकारात्मक बनाए रखा। खेल में मुश्किल परिस्थितियाँ तो आएंगी ही, लेकिन शांत और संयमित रहकर अपनी रणनीति पर काम करना ही मेरी ताकत रही।"

संजू सैमसन के विकेट और योजना पर बोले जय

सैमसन जैसे आक्रामक बल्लेबाज के सामने गेंदबाजी करने की अपनी रणनीति के बारे में बात करते हुए मूंदड़ा ने साफ किया, "मेरा इरादा बहुत सीधा था— चीजों को ज्यादा पेचीदा न बनाया जाए और वही किया जाए जो मैं घरेलू स्तर पर करता आ रहा हूँ। अंतरराष्ट्रीय मंच पर गलती की गुंजाइश बेहद कम होती है, इसलिए आपको हर गेंद पर अपनी योजना के प्रति अनुशासित रहना पड़ता है।"

साल 2021 में भारत से आयरलैंड आने के बाद नेशनल टीम में अपनी जगह पक्की करने के संघर्षपूर्ण सफर पर जय ने कहा, "हर इंसान की जिंदगी में उतार-चढ़ाव का दौर आता है, लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि आप अपनी कड़ी मेहनत पर डटे रहें और मुश्किलों से घबराए बिना लगातार आगे बढ़ते रहें। मैंने भी बस वही किया।"

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