MIC बैठक के बड़े फैसले: अवैध मांस-मटन कारोबार पर होगी सख्त कार्रवाई

उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन में नगर निगम की मेयर-इन-काउंसिल (एमआईसी) की बुधवार को आयोजित बैठक में शहर से मांस-मटन की दुकानों को बाहरी इलाकों में शिफ्ट करने का बहुप्रतीक्षित प्रस्ताव किन्हीं कारणों से पेश नहीं हो पाया। हालांकि, परिषद ने इस बात पर कड़ा रुख अपनाया है कि नगर निगम सीमा के अंतर्गत बिना अनुमति और अवैध रूप से चल रही मांस-मटन की दुकानों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उनके खिलाफ सघन अभियान चलाकर सख्त तालाबंदी की कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त बैठक में शहर के बुनियादी विकास और सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित नागरिकों के मुआवजे से जुड़े कई अहम् प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।

टीडीआर धारकों को नकद भुगतान और मुआवजा राशि मंजूर

बैठक में विकास कार्यों के लिए जमीन देने वाले भू-स्वामियों के हितों का विशेष ध्यान रखा गया। शहर में विभिन्न मार्ग चौड़ीकरण परियोजनाओं के कारण प्रभावित हुए जिन संपत्ति मालिकों को नगर निगम द्वारा ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स (टीडीआर) दिए गए थे, लेकिन वे किसी कारणवश उसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं, उन्हें अब उसके बदले तयशुदा नगद राशि का भुगतान किया जाएगा। महापौर मुकेश टटवाल की अध्यक्षता में लिए गए इस निर्णय के तहत प्रभावित भवन स्वामियों को क्षतिपूर्ति के रूप में 2 करोड़ 24 लाख रुपये से अधिक की राशि बांटने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई। इसके साथ ही मिर्जा नईम बेग मार्ग पर स्थित निगम की स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी मल्टीलेवल वाहन पार्किंग के संचालन ठेके के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई।

इन प्रमुख विकास मार्गों के प्रभावितों को मिलेगी राहत

नगर निगम ने शहर के कई व्यस्त और प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण की राह आसान करते हुए प्रभावितों के लिए आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। इसमें मुख्य रूप से गैल इंडिया चौराहे से नीलगंगा मार्ग, शांति नगर से मंछामन चौराहा, सांवेर रोड पर मुनी नगर से सार्थक नगर होते हुए इंदौर रोड तक का हिस्सा, तथा हामूखेड़ी बिजासन माता मंदिर से देवास रोड तक बनने वाली सड़कों के दायरे में आने वाले भवनों के नुकसान की भरपाई की जाएगी। इस कदम से शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए चल रहे निर्माण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।

सिंहस्थ-2028 की तैयारियों और सौंदर्यीकरण पर जोर

आगामी सिंहस्थ महाकुंभ-2028 के भव्य आयोजन को ध्यान में रखते हुए निगम ने अपनी ढांचागत तैयारियों को गति देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में हरिफाटक रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) को फोरलेन में बदलने के महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट से प्रभावित होने वाले बारह खोली क्षेत्र के निवासियों को उचित मुआवजा देने का फैसला किया गया है ताकि निर्माण कार्य बिना किसी बाधा के समय पर पूरा हो सके। इसके अलावा, शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के प्रयास के तहत वार्ड क्रमांक 24 में स्थित गांधी बालोद्यान और क्षीरसागर क्षेत्र के ठीक बाहर बने अनुपयोगी यूरिनल (मूत्रालय) को वहां से हटाने के प्रस्ताव को भी एमआईसी ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया है।

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