LDA का सख्त रुख, 70 बड़े होटलों से 15 दिन में मांगे स्वीकृत मानचित्र और दस्तावेज

लखनऊ| लखनऊ में अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। हाल ही में अलीगंज में हुए अग्निकांड के बाद, शहर के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और होटलों की सुरक्षा को लेकर एक व्यापक जांच अभियान शुरू किया गया है। इसी कड़ी में विकास प्राधिकरण ने शहर के लगभग 70 बड़े होटलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन सभी होटलों को अगले 15 दिनों के भीतर अपने स्वीकृत मानचित्र (मैप) और निर्माण से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज प्रशासन के सामने पेश करने होंगे।
समीक्षा बैठक में मिले थे सख्त कार्रवाई के निर्देश
लगभग एक सप्ताह पहले हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अवैध निर्माणों और सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से जांच की गई थी। इस बैठक में साफ निर्देश दिए गए थे कि बिना फायर एनओसी (अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र) और अवैध रूप से चल रहे होटलों, रेस्टोरेंटों, हॉस्टलों, लॉन और बैंक्वेट हॉलों के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के सख्त कार्रवाई की जाए।
सर्वे रिपोर्ट के आधार पर पहले चरण की कार्रवाई
122 डिफाल्टरों की सूची: पूर्व में हुए एक विस्तृत सर्वे की रिपोर्ट में शहर के ऐसे 122 होटलों और रेस्टोरेंटों को चिन्हित किया गया था, जो अवैध निर्माण और अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के दोषी पाए गए थे।
गोमतीनगर में सबसे ज्यादा शिकंजा: इसी सूची के आधार पर पहले चरण में 70 होटलों को नोटिस थमाया गया है। इनमें सबसे ज्यादा संख्या गोमतीनगर इलाके के होटलों की है।
प्रशासन की इस मुस्तैदी से शहर के अन्य अवैध कमर्शियल बिल्डिंग संचालकों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
