मध्य प्रदेश में कांग्रेस को मिली मजबूती, भीम आर्मी के कई पदाधिकारियों ने ली पार्टी की सदस्यता

भोपाल। मध्य प्रदेश में कांग्रेस संगठन को पुनर्गठित और मजबूत करने की कवायद के तहत भीम आर्मी के कई प्रदेश एवं जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। 15 अक्टूबर को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष जीतू पटवारी और स्थानीय विधायक आरिफ मसूद के नेतृत्व में इन नेताओं ने औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर पीसीसी मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

भीम आर्मी के प्रमुख चेहरे कांग्रेस में शामिल

कांग्रेस की सदस्यता लेने वाले प्रमुख नेताओं में भीम आर्मी के प्रदेश सचिव विलास बले, प्रदेश महासचिव सत्येंद्र विमल, विधि प्रभारी डकेश पाटिल, विधानसभा अध्यक्ष नागेश, जिला अध्यक्ष रंजीत दामले, जिला उपाध्यक्ष नीलेश हेरोड़े और प्रकाश वानखेड़े सहित कई अन्य पदाधिकारी शामिल हैं।

नए सदस्यों का स्वागत करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से संविधान, सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है और इन सिद्धांतों में विश्वास रखने वाले सभी सहयोगियों का पार्टी में स्वागत है।

‘घर वापसी’ अभियान और 600 से अधिक आवेदन

जीतू पटवारी ने जानकारी दी कि पार्टी से अतीत में अलग हो चुके पूर्व नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुन: संगठन से जोड़ने के लिए 'घर वापसी' कार्यक्रम की योजना तैयार की जा रही है। इस पूरी पहल को जिला कांग्रेस कमेटियों की सहमति और आपसी समन्वय के आधार पर ही आगे बढ़ाया जाएगा।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अनुसार, पार्टी में वापसी के लिए अब तक 600 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें 200 से अधिक आवेदन वर्तमान एवं पूर्व जिला अध्यक्षों, वर्तमान व पूर्व विधायकों तथा पूर्व मंत्रियों के होने का दावा किया गया है। पीसीसी अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस छोड़ चुके नेताओं की पुनः वापसी पर जिला कमेटियों से विचार-विमर्श के बाद ही उचित समय पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूती देने का लक्ष्य

पार्टी नेतृत्व का मानना है कि पुराने सहयोगियों को वापस लाने और सामाजिक आंदोलनों से जुड़े नए चेहरों को जोड़ने से जमीनी स्तर पर संगठन कैडर को नई ऊर्जा मिलेगी। कांग्रेस ने दोहराया कि संविधान की रक्षा और जनहित से जुड़े मुद्दों पर जनता के अधिकारों की लड़ाई को और अधिक प्रभावी ढंग से लड़ा जाएगा।

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