ISI हैंडलर शहजाद भट्टी से कनेक्शन का शक, महाराष्ट्र ATS ने कसा शिकंजा

मुंबई:महाराष्ट्र में सुरक्षा और खुफिया तंत्र को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है, जहां देश की आंतरिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने की एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश का भंडाफोड़ हुआ है. राज्य की आतंकवाद निरोधी शाखा (एटीएस) ने शुक्रवार तड़के सीमा पार बैठे राष्ट्रविरोधी तत्वों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए एक व्यापक अभियान छेड़ा. खुफिया सूचनाओं के आधार पर की गई इस त्वरित कार्रवाई के बाद राज्य के कई संवेदी जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है, वहीं खुफिया एजेंसियां पकड़े गए सूत्रों से कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं ताकि इस नेटवर्क की जड़ों को पूरी तरह से उखाड़ा जा सके.
आतंकवाद निरोधी दस्ते का बड़ा एक्शन, कई जिलों में एक साथ तलाशी अभियान
राज्य की एटीएस टीम ने शुक्रवार को मुंबई और उसके उपनगरीय इलाकों सहित ठाणे, कुर्ला, बांद्रा, जोगेश्वरी, नवी मुंबई, मीरा रोड और भयंदर में एक साथ सुनियोजित तरीके से दबिश दी. इसके अलावा सांगली, सतारा और छत्रपति संभाजीनगर जैसे सुदूर जिलों में भी संदिग्ध ठिकानों को घेरकर सघन तलाशी ली गई. जांच एजेंसी के मुताबिक यह पूरी कार्रवाई पड़ोसी मुल्क में बैठे खुफिया एजेंसी के मुख्य हैंडलर शहजाद भट्टी के साथ डिजिटल माध्यमों और सोशल मीडिया के जरिए सीधे संपर्क में रहने वाले संदिग्धों की पहचान करने और उनके मंसूबों को नाकाम करने के लिए की गई है.
देश की राजधानी को दहलाने की थी साजिश, प्रमुख ठिकानों की हुई थी रेकी
इस पूरे मामले के तार देश की राजधानी दिल्ली और पंजाब में पकड़े गए संदिग्ध मॉड्यूल से जुड़े हुए हैं, जहां दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हाल ही में बड़ी कार्रवाई करते हुए छह मुख्य गुर्गों को गिरफ्तार किया था. जांच में यह बेहद सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि सीमा पार बैठे आकाओं के इशारे पर राजधानी दिल्ली के बेहद संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों जैसे न्यू पुलिस लाइंस, आनंद विहार बस टर्मिनल, प्रमुख रेलवे स्टेशनों और व्यस्त बाजारों को पेट्रोल बमों से निशाना बनाने की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई थी. संदिग्धों के मोबाइल उपकरणों से इन महत्वपूर्ण स्थानों के गोपनीय वीडियो फुटेज भी मिले हैं, जिन्हें एक प्रतिबंधित संचार ऐप के जरिए विदेशी हैंडलर को भेजा गया था.
सामग्री की डिलीवरी और पेट्रोल बम बरामद, बड़े हमले की चल रही थी तैयारी
सुरक्षा एजेंसियों को तकनीकी विश्लेषण और सोशल मीडिया चैट्स की पड़ताल से पता चला है कि विदेशी हैंडलर भट्टी इस मॉड्यूल के स्थानीय सदस्यों को लगातार घातक सामग्री की डिलीवरी और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जमा करने के कोडवर्ड में निर्देश दे रहा था. जांच अधिकारियों का मानना है कि इस सामग्री का सीधा संबंध उन पेट्रोल बमों से था, जिन्हें हमलों के लिए तैयार किया जा रहा था. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राजघाट के समीप विजय घाट इलाके के पीछे छिपाकर रखे गए पेट्रोल बमों की खेप को पहले ही अपने कब्जे में ले लिया था, जिससे एक बहुत बड़ा हादसा टल गया.
भूमिकाओं का वर्गीकरण और हवाला नेटवर्क, ड्रोन से हथियार गिराने का खुलासा
पकड़े गए आरोपियों के बीच काम का बेहद पेशेवर तरीके से बंटवारा किया गया था, जिसमें मुख्य आरोपी दानिश उर्फ चांद मियां को दिल्ली में रेकी करने और हमलों की साजिश रचने की जिम्मेदारी दी गई थी और इसके बदले उसे एक निश्चित रकम देने का लालच दिया गया था. वहीं उसके अन्य साथियों में सलमान को हमले की वीडियो रिकॉर्डिंग करने, तैयब को हथियारों का सौदा करने, जुबैर और अली फजल को पंजाब सीमा से हथियारों की खेप आगे पहुंचाने का काम सौंपा गया था. इसके अलावा मलकीत सिंह नाम के आरोपी ने सीमा पार से ड्रोन के जरिए.
