बड़ी कार्रवाई: गुजरात से दबोचा गया आरोपी, नाबालिग लड़कियों के शोषण मामले की जांच SIT को

पालघर। महाराष्ट्र के पालघर जिले के अंतर्गत आने वाले डहाणू इलाके में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और कथित धर्मांतरण (लव जिहाद) के बहुचर्चित मामले में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। इस संवेदनशील मामले के मुख्य आरोपी को पालघर क्राइम ब्रांच की टीम ने पड़ोसी राज्य गुजरात के भरूच से धर दबोचा है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 19 जून तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। वहीं, पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन तफ्तीश के लिए सरकार द्वारा एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जिसकी कमान ठाणे की डीसीपी मीना माकवाना को सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त, शुरुआत में मामले को गंभीरता से न लेने और लापरवाही बरतने के आरोप में डहाणू पुलिस स्टेशन के दो अधिकारियों पर गाज गिरी है।
एसआईटी का गठन और मानव तस्करी व फंडिंग के कोण से जांच
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए शासन द्वारा गठित विशेष जांच दल इस बात की गहराई से पड़ताल करेगा कि किस प्रकार घोलवड और बोर्डी क्षेत्र की जैन तथा मारवाड़ी समाज की कुछ किशोरियों को सुनियोजित ढंग से जाल में फंसाया गया। मामले में एक नया मोड़ तब आया जब राजनीतिक गलियारों से यह दावा किया गया कि कुछ पीड़ित लड़कियों को, जो बाद में साध्वी बन गईं, स्टूडेंट वीजा के बहाने लंदन भेजा गया था। इस खुलासे के बाद आशंका जताई जा रही है कि इस घिनौने कृत्य के पीछे कोई अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) रैकेट या कोई बड़ा संगठित गिरोह सक्रिय हो सकता है। एसआईटी को निर्देश दिए गए हैं कि वह इस पूरे मामले में शामिल संदिग्धों के बैंक खातों, उनके आर्थिक स्रोतों और उन्हें मिलने वाले कथित बाहरी समर्थन की भी सघनता से जांच करे।
हिंदू संगठनों का विरोध प्रदर्शन और डहाणू में व्यापारिक बंद
इस घटना के सामने आने के बाद से ही स्थानीय जनता और विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संगठनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। मामले के विरोध में बीते बुधवार को विभिन्न हिंदू संगठनों द्वारा डहाणू बंद का एक बड़ा आह्वान किया गया था। इस बंद को स्थानीय व्यापारियों, आम नागरिकों और प्रबुद्ध वर्ग का व्यापक जनसमर्थन मिला, जिसके चलते क्षेत्र के बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह से बंद रहे। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जाए और पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय दिलाते हुए अपराधियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए।
कर्तव्य में लापरवाही पर पुलिस अधिकारियों का निलंबन और तबादला
शुरुआती दौर में शिकायत को नजरअंदाज करने और ढुलमुल रवैया अपनाने के कारण पुलिस महकमे में भी बड़ी कार्रवाई की गई है। पालघर के पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख ने कड़ा रुख अपनाते हुए डहाणू पुलिस स्टेशन में तैनात पुलिस उपनिरीक्षक (PSI) दिनेश आघाव को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही, डहाणू थाने के प्रभारी अधिकारी किरण पवार का वहां से तबादला कर दिया गया है और कानून व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए उनकी जगह जितेंद्र ठाकुर को नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। वर्तमान में एसआईटी और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से मुख्य आरोपी से पूछताछ कर रही है, जिससे इस रैकेट से जुड़े कई अन्य चेहरों के बेनकाब होने की उम्मीद है।
