RWA विवाद में बड़ा एक्शन, अलका दलाल समेत 6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

गुरुग्राम: जिला रजिस्ट्रार, फर्म्स एवं सोसायटी कार्यालय में कथित तौर पर अभद्रता करने, शासकीय कार्य में बाधा डालने और बिना अनुमति जबरन दफ्तर में घुसने के मामले में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मालिबू टाउन निवासी और एमटी प्लाट रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) की पदाधिकारी अलका दलाल सहित पांच से छह अन्य अज्ञात लोगों के विरुद्ध नामजद मामला दर्ज कर लिया है। सिविल लाइंस थाना पुलिस ने जिला प्रशासन की शिकायत और उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जिला रजिस्ट्रार कार्यालय में अभद्रता और जबरन प्रवेश का आरोप
जिला रजिस्ट्रार अर्पित गहलावत द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार यह पूरी घटना 21 जुलाई की शाम करीब चार बजे की है। अलका दलाल अपने कुछ सहयोगियों के साथ उनसे मुलाकात करने के लिए कार्यालय पहुंची थीं। अधिकारियों द्वारा उन्हें स्पष्ट रूप से अवगत कराया गया था कि जनसुनवाई व मुलाकात का निर्धारित समय समाप्त हो चुका है, इसके बावजूद वे नियमों को दरकिनार करते हुए पांच-छह अन्य लोगों के साथ बिना अनुमति सीधे कार्यालय कक्ष में दाखिल हो गईं और हंगामा करने लगीं।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बीएनएस की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज
कार्यालय परिसर में घटित इस पूरी घटना की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। थाना सिविल लाइंस पुलिस ने मौके पर उपलब्ध कराए गए वीडियो फुटेज और सीसीटीवी साक्ष्यों का बारीकी से अध्ययन किया। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो के आधार पर घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।
सरकारी कार्य में रुकावट डालने पर पुलिस की सख्त कार्रवाई
शासकीय कार्यालय में अधिकारियों के साथ अनुचित व्यवहार करने और प्रशासनिक कार्य में व्यवधान पैदा करने को पुलिस प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी नागरिक या संस्था के प्रतिनिधि को कानून अपने हाथ में लेने या सरकारी काम में बाधा डालने का अधिकार नहीं है। इस तरह की अनुशासनहीनता और अनधिकृत प्रवेश के मामलों में सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
मामले की निष्पक्ष जांच जारी और आरोपियों पर कसता शिकंजा
एफआईआर दर्ज होने के बाद सिविल लाइंस थाना पुलिस ने मामले की गहन छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस की टीम घटना के समय मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर रही है और फुटेज में दिख रहे अन्य अज्ञात लोगों की शिनाख्त में जुटी हुई है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद नामजद महिला पदाधिकारी और उनके साथियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
