लक्ष्मणगढ़ में बड़ी कार्रवाई, ऑटोमेटिक हथियार और 64 कारतूस के साथ 3 गिरफ्तार

सीकर। राजस्थान के शेखावाटी अंचल में सक्रिय आपराधिक गिरोहों के बीच जारी वर्चस्व की लड़ाई थमने का नाम नहीं ले रही है। इंटरनेट के माध्यम से विदेशों में छिपे बैठे बड़े गैंगस्टर अपने स्थानीय गुर्गों और शूटरों के जरिए मनचाहे ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। खुफिया सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के मुताबिक, विदेश से संचालित एक कुख्यात गिरोह के इशारे पर उसके गुर्गे सीकर के एक रसूखदार राजनेता और एक नामी जौहरी (ज्वैलर) की हत्या करने की नीयत से पिछले तीन महीनों से बेहद गोपनीय और सुनियोजित साजिश रच रहे थे। इस इनपुट पर कार्रवाई करते हुए एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) की सूचना पर सीकर के पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत और उनकी विशेष टीम ने देर रात करीब 11 बजे सीकर शहर तथा लक्ष्मणगढ़ के रोरू बड़ी गांव में एक साथ ताबड़तोड़ दबिश देकर तीन खूंखार बदमाशों को धर दबोचा।
फ्लैट पर छापेमारी में मिले आधुनिक हथियार और लक्ष्मणगढ़ तक फैला नेटवर्क
पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत के रणनीतिक निर्देशन में गठित विशेष पुलिस और एजीटीएफ की संयुक्त टीम ने सबसे पहले सीकर शहर के बजाज रोड पर स्थित जैन अस्पताल के सामने धोबियों का मोहल्ला इलाके के एक बहुमंजिला फ्लैट में छापा मारा। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से एक मुख्य संदिग्ध को दबोच लिया, जिसके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध हथियार और गोलियां बरामद हुईं। गिरफ्त में आए आरोपी से जब पुलिस अधिकारियों ने कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र में छिपे अपने अन्य सहयोगियों के ठिकाने का खुलासा कर दिया। इस इनपुट पर एसपी ने बिना वक्त गंवाए दूसरी टीम को तुरंत लक्ष्मणगढ़ के रोरू बड़ी गांव के लिए रवाना किया, जहां घेराबंदी कर दो और शातिर युवकों को दबोच लिया गया। दोनों स्थानों को मिलाकर पुलिस ने कुल 3 अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से 4 अत्याधुनिक ऑटोमैटिक हथियार तथा 64 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। इस बड़ी सफलता के बाद जयपुर से आए एजीटीएफ के आला अधिकारियों और स्थानीय पुलिस ने जब इनसे सख्ती से पूछताछ की, तो आरोपियों ने अंचल में फैले अपने पूरे सिंडिकेट और नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया।
ज्योतिष का काम करने वाले दोस्तों के नाम पर लिया था आलीशान ठिकाना
पुलिस की विस्तृत पड़ताल में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि इन शूटरों ने सीकर शहर के बीचों-बीच छिपने के लिए बकायदा एक वीआईपी ठिकाना तैयार कर रखा था। गिरफ्तार बदमाशों ने लक्ष्मणगढ़ के रोरू बड़ी गांव के निवासी अपने दो परिचितों, जयप्रकाश शर्मा और विकास शर्मा के माध्यम से करीब तीन महीने पहले (25 मार्च को) बजाज रोड पर 18 हजार रुपये प्रति माह के किराये पर एक फुल फर्निश्ड फ्लैट लिया था। इस फ्लैट में एयर कंडीशनर (एसी), फ्रिज और आरामदायक बेड सहित ऐशो-आराम की सभी आधुनिक सुविधाएं मौजूद थीं। जयप्रकाश और विकास ने अपनी आईडी पर इस फ्लैट को किराये पर लिया और बाद में इसे गुर्गों के हवाले कर दिया। जांच में पता चला है कि ये दोनों युवक ज्योतिष और कर्मकांड का काम करते हैं, जिनसे पुलिस अधिकारियों ने हिरासत में लेकर विस्तृत पूछताछ की है और उनके बयान दर्ज किए हैं।
पहले भी नाकाम हो चुकी है ज्वैलर की रेकी और पुलिस कप्तान की युवाओं से अपील
सीकर के उक्त राजनेता और बड़े जौहरी को मौत के घाट उतारने के लिए गैंगस्टर्स द्वारा पूर्व में भी जानलेवा हमले की बिसात बिछाई जा चुकी है, लेकिन हर बार मुस्तैद पुलिस महकमे ने अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। कुछ दिनों पहले ही पुलिस ने विदेश में बैठे गैंगस्टर रोहित गोदारा के करीबी और हिस्ट्रीशीटर राहुल रिणाउ के जीजा शिव गौतम को गिरफ्तार किया था, जिसने मोटी रकम का लालच देकर एक छात्र के माध्यम से ज्वैलर की रेकी करवाई थी। इस खतरे को देखते हुए उक्त ज्वैलर को प्रशासन द्वारा हथियारबंद पुलिस गार्ड की सुरक्षा पहले ही मुहैया कराई जा चुकी है। इस पूरे मामले पर सीकर के पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत ने बताया कि दोनों क्षेत्रों से गिरफ्तार तीनों आरोपियों के खिलाफ सीकर कोतवाली और लक्ष्मणगढ़ थाने में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिसमें सीकर की एफआईआर की कमान दादिया थानाधिकारी को सौंपी गई है। उन्होंने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि पुलिस अपराधियों के सामाजिक महिमामंडन (ग्लोरिफिकेशन) को रोकने और उनके हौसले पस्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं से भावुक अपील की कि वे सोशल मीडिया के झांसे या छोटे-मोटे आर्थिक प्रलोभन में आकर अपराध के इस अंतहीन दलदल में कदम न रखें।
