बड़ा साइबर फ्रॉड उजागर! फर्जी कॉल सेंटर पर छापा, 20 मोबाइल और 35 सिम जब्त

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने निर्यातकों (एक्सपोर्टर्स) से ठगी करने वाले एक बहुत बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर इसके मालिक समेत कुल 18 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह शातिर गिरोह भोले-भले कारोबारियों को विदेशी खरीदार (बायर) और जरूरी एक्सपोर्ट सर्टिफिकेट दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी कर रहा था।
वेबसाइट और झूठे वादों का जाल
इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की जांच के बाद हुआ। यह गिरोह INDIA2EXPORTS.COM नाम की एक फर्जी वेबसाइट चला रहा था। इसके जरिए वे निर्यातकों को झांसा देते थे कि वे उन्हें विदेशों से बड़े-बड़े आर्डर दिलाएंगे। शुरुआत में वे रजिस्ट्रेशन के नाम पर 5,000 रुपये लेते थे, और फिर सर्विस पैकेज के नाम पर 19,780 रुपये ऐंठ लेते थे।
फर्जी विदेशी खरीदार बनकर ठगी
पीड़ितों को पूरी तरह अपने जाल में फंसाने के लिए यह गिरोह इंटरनेशनल व्हाट्सएप नंबरों का इस्तेमाल करता था। आरोपी खुद ही विदेशी खरीदार बनकर निर्यातकों से चैटिंग करते थे, ताकि उन्हें लगे कि सच में कोई विदेशी डील हो रही है। इसके बाद ग्लोबल जीएपी और अन्य जरूरी सर्टिफिकेट दिलाने के बहाने वे पीड़ितों से 41,300 रुपये और वसूलते थे। जैसे ही पैसे उनके खाते में आते, वे अपना फोन बंद कर संपर्क तोड़ देते थे। अब तक ऐसे 19 मामलों में यह गिरोह करीब 10.57 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर चुका है।
फर्जी कॉल सेंटर पर छापा और गिरफ्तारियां
नई दिल्ली जिले की साइबर पुलिस टीम ने पुख्ता जानकारी के बाद इस फर्जी कॉल सेंटर पर अचानक छापा मारा। इस दौरान पुलिस ने कॉल सेंटर के मालिक प्रदीप कुमार और मुख्य आरोपी सम्मी कुमार गिरी को धर दबोचा। इनके साथ ही मौके पर मौजूद 16 टेलीकॉलर्स को भी गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 14 महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। पुलिस ने मौके से 20 मोबाइल फोन, 35 सिम कार्ड, 6 लैपटॉप, 9 सीपीयू और डेबिट कार्ड बरामद किए हैं।
पुलिस की कारोबारियों को सतर्क रहने की सलाह
पुलिस अब बरामद किए गए डिजिटल सामानों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह ने और कितने लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है। इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने सभी निर्यातकों और व्यापारियों को अलर्ट रहने की सलाह दी है। पुलिस का कहना है कि किसी भी ऑनलाइन सर्विस देने वाली कंपनी को पैसा भेजने से पहले उसकी अच्छी तरह जांच-पड़ताल कर लें। अगर कोई भी व्यक्ति ऐसी साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो वह तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराए।
