अमेरिका के अलास्का में बड़ा विमान हादसा, समुद्र में गिरा प्लेन; चारों यात्रियों की मौत

अलास्का | अमेरिका के अलास्का से एक बड़े हादसे की खबर सामने आई है, जहाँ बुधवार को एक छोटा विमान दुर्घटना का शिकार होकर समुद्र के उथले पानी में जा गिरा। इस भीषण हादसे में विमान पर सवार सभी चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। यह दुर्घटना अलास्का के एक दूरदराज तटीय कस्बे के पास हुई। अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, पाइपर PA-24 (Piper PA-24) मॉडल का यह विमान अलास्का के सबसे बड़े शहर एंकोरेज से उड़ान भरकर सेल्डोविया कस्बे के एयरपोर्ट की तरफ जा रहा था। सेल्डोविया का यह एयरपोर्ट एंकोरेज से लगभग 219 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम दिशा में स्थित है।
15 फीट गहरे पानी में डूबा विमान, बचाव कार्य में आई अड़चन
हादसे के बाद विमान सेल्डोविया स्लो के पास किनारे पर लगभग 15 फीट (करीब 4.5 मीटर) गहरे पानी में डूब गया। नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) के अलास्का क्षेत्र के प्रमुख क्लिंट जॉनसन ने बताया कि डूबे हुए विमान तक पहुंचने के लिए बचाव दलों को समुद्र में ज्वार (Tide) का पानी उतरने का इंतजार करना पड़ा। जैसे ही पानी का स्तर कम हुआ, रेस्क्यू टीम विमान के पास पहुंची और अंदर फंसे चारों वयस्कों के शवों को बाहर निकाला। सभी शवों को पोस्टमार्टम और पहचान के लिए मेडिकल एग्जामिनर के कार्यालय भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की आधिकारिक पहचान उनके परिजनों को औपचारिक सूचना देने के बाद ही सार्वजनिक की जाएगी।
हादसे की जांच और अलास्का में विमान सुरक्षा पर सवाल
फिलहाल इस भयानक दुर्घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। अमेरिका का नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) इस मामले की तकनीकी और अन्य पहलुओं से गहन जांच कर रहा है। अलास्का के सीनेटर डैन सुलिवन ने बताया कि उन्हें NTSB और फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) द्वारा इस हादसे से जुड़ी लगातार अपडेट दी जा रही है। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि इस तरह की दुर्घटनाएं बेहद मर्माहत करने वाली हैं, और अलास्का के दूरदराज इलाकों में विमानन सुरक्षा तथा बुनियादी ढांचे को सुधारना उनकी शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है।
गौरतलब है कि अलास्का में एक सप्ताह के भीतर विमान दुर्घटना की यह दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले पश्चिमी अलास्का में हुए एक अन्य विमान हादसे में आठ लोगों की जान चली गई थी, जो खराब मौसम और घने कोहरे के कारण रनवे पर उतरते समय क्रैश हो गया था। लगातार हो रहे इन हादसों के बाद अब दूरदराज के क्षेत्रों में विमानों के संचालन और सुरक्षा मानकों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।
