भोपाल के ‘एलर कॉम्प्लेक्स’ में भीषण आग: 6 रेस्टोरेंट वाली तीन मंजिला इमारत में हड़कंप, दीवार तोड़कर घुसे दमकलकर्मी, सुरक्षित निकाले गए सिलेंडर

भोपाल: राजधानी भोपाल के वीआईपी रोड स्थित लालघाटी इलाके में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में भीषण आग लग गई। घटना प्रसिद्ध 'एलर कॉम्प्लेक्स' की है, जिसमें शहर के कई नामी रेस्टोरेंट संचालित होते हैं। आग इतनी खौफनाक थी कि दमकलकर्मियों को अंदर दाखिल होने के लिए इमारत की दीवार तोड़नी पड़ी। फायर ब्रिगेड की 8 गाड़ियों ने करीब एक घंटे की भारी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते उठाए गए कदमों की वजह से एक बड़ा ब्लास्ट होने से टल गया।

सुबह 7 बजे उठा धुएं का गुबार, गार्ड ने दी सूचना

घटना का खुलासा रविवार सुबह उस वक्त हुआ जब पास की एक बिल्डिंग में तैनात सुरक्षाकर्मी ने कॉम्प्लेक्स से गाढ़ा धुआं निकलते देखा। गार्ड ने बताया, "सुबह करीब 7 बजे खिड़की से धुआं निकल रहा था। शुरुआत में लगा कि रोज की तरह रेस्टोरेंट के किचन का धुआं होगा, लेकिन कुछ ही देर में आग की ऊंची लपटें दिखाई देने लगीं। इसके बाद तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया।"

बापू की कुटिया और डोमिनोज़ समेत 6 रेस्टोरेंट थे खतरे में

जिस एलर कॉम्प्लेक्स में यह हादसा हुआ, वहाँ खाने-पीने के कई बड़े आउटलेट्स हैं। आग की शुरुआत दूसरी मंजिल पर स्थित 'भोज इन' (Bhoj In) रेस्टोरेंट से हुई। इस कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट में मशहूर 'बापू की कुटिया' रेस्टोरेंट है, जबकि ग्राउंड फ्लोर पर 'डोमिनोज़ पिज्जा' का आउटलेट समेत कई अन्य छोटी दुकानें और कुल 6 रेस्टोरेंट संचालित हो रहे हैं। रविवार का दिन होने के कारण यदि यह आग दोपहर या शाम को लगती, तो बड़ा जनहानि का खतरा हो सकता था।

दीवार तोड़कर अंदर घुसे दमकलकर्मी, टाला बड़ा ब्लास्ट

सूचना मिलते ही शहर के अलग-अलग फायर स्टेशनों से तीन वाटर टैंकर समेत फायर ब्रिगेड की 8 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। रेस्टोरेंट के अंदर धुआं इस कदर भर चुका था कि कुछ भी देख पाना नामुमकिन था। दमकलकर्मियों ने जांबाजी दिखाते हुए इमारत की दीवार को तोड़ा और भीतर प्रवेश किया।

'भोज इन' रेस्टोरेंट का किचन तीसरी मंजिल पर बना हुआ था, जहाँ आग सबसे पहले भड़की और धीरे-धीरे नीचे की ओर फैलने लगी। किचन के भीतर 4 बड़े कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर रखे हुए थे। आग की लपटें सिलेंडरों तक पहुंच चुकी थीं, लेकिन दमकलकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर सबसे पहले चारों सिलेंडरों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे एक बहुत बड़ा धमाका होने से बच गया।

शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका

हादसे के वक्त रेस्टोरेंट पूरी तरह बंद था और अंदर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे कोई हताहत नहीं हुआ। दमकल विभाग के मुताबिक, रेस्टोरेंट के भीतर आग बुझाने के उपकरण (फायर एक्सटिंग्विशर) मौजूद थे।

फायर ऑफिसर का बयान:  फायर ऑफिसर सौरभ पटेल ने बताया, "यह रेस्टोरेंट अनूप रिजवानी का है। प्राथमिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट नजर आ रही है। इस श्रेणी और आकार के रेस्टोरेंट्स में अलग से किसी बड़े सेंट्रलाइज्ड फायर फाइटिंग सिस्टम की अनिवार्यता नहीं होती है, वहां एक्सटिंग्विशर पर्याप्त माने जाते हैं। आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।"

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