वाराणसी में भीषण आग, चार गैस सिलेंडर फटने से मची अफरा-तफरी

नक्खीघाट में भीषण अग्निकांड: 25 झुग्गियां जलकर राख, गैस सिलिंडर फटने से दहला इलाका
वाराणसी| वाराणसी के नक्खीघाट क्षेत्र स्थित भरतनगर में बृहस्पतिवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहाँ एक खाली जमीन पर बसी झुग्गी बस्ती में संदिग्ध परिस्थितियों में भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इस अग्निकांड में लगभग 25 झोपड़ियां पूरी तरह जलकर खाक हो गईं।
सिलिंडर ब्लास्ट से मची अफरा-तफरी
आग की लपटें इतनी तेज थीं कि झोपड़ियों में रखे तीन से चार छोटे गैस सिलिंडर एक के बाद एक धमाके के साथ फट गए, जिससे पूरा इलाका दहल उठा। दमकल विभाग को तलाशी के दौरान छह अन्य अधजले सिलिंडर भी मिले हैं। यदि ये भी फट जाते, तो बड़ा हादसा हो सकता था। मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत और थाना प्रभारी उपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आग पर काबू पाने में करीब दो घंटे का समय लगा।
गनीमत रही कि खाली थे घर
इस हादसे की सबसे राहत भरी बात यह रही कि यहाँ रहने वाले करीब 70 से अधिक लोग वर्तमान में अपने पैतृक निवास पश्चिम बंगाल गए हुए हैं। कबाड़ बीनने का काम करने वाले कासिम सेख, मुराद, बुद्धू सेख और जमाल जैसे दर्जनों परिवारों के घर बंद थे, जिसके कारण कोई जनहानि नहीं हुई। यह जमीन स्थानीय निवासी किशून और विशून यादव की बताई जा रही है, जिस पर लंबे समय से अस्थायी बस्तियां बसी हुई हैं।
संकरी गलियां बनीं बचाव कार्य में बाधा
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, एनडीआरएफ (NDRF) और दमकल की पांच गाड़ियां मौके पर पहुँचीं। हालांकि, भरतनगर की संकरी गलियों के कारण बड़े अग्निशमन वाहनों को अंदर ले जाना असंभव हो गया। स्थिति को भांपते हुए विभाग ने छोटी फायर ब्रिगेड गाड़ियों को मोर्चे पर लगाया। स्थानीय निवासियों ने भी बाल्टियों और उपलब्ध संसाधनों से आग बुझाने में प्रशासन की मदद की।
धुएं के गुबार से पांच किमी तक दहशत
आग इतनी भीषण थी कि उससे निकलने वाला काला धुआं करीब पांच किलोमीटर के दायरे में फैल गया। भदऊचुंगी से लेकर नदेसर तक आसमान में धुएं का गुबार देखा गया, जिससे शहरवासियों में दहशत फैल गई। नक्खीघाट के मौजाहाल इलाके में वायु गुणवत्ता इतनी बिगड़ गई कि लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी और घंटों तक लोग मास्क या गमछा लगाकर रहने को मजबूर हुए।
सुरक्षा और सत्यापन पर सवाल
इस घटना ने झुग्गी बस्तियों में रह रहे लोगों के सत्यापन पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीते वर्ष पुलिस ने यहाँ रहने वालों की पहचान और पृष्ठभूमि की जांच के लिए अभियान चलाया था, लेकिन स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) के पास इनका कितना पुख्ता रिकॉर्ड है, इसकी जांच अब नए सिरे से की जा रही है। थाना प्रभारी के अनुसार, आग लगने के कारणों और अवैध रूप से रह रहे लोगों की विस्तृत जांच की जाएगी।
दशाश्वमेध: आरती के दौरान लगी आग, तीन मंजिला मकान में मची भगदड़
पवित्र दशाश्वमेध घाट के समीप अहिल्याबाई मोहल्ले में भी बृहस्पतिवार दोपहर एक बड़ा हादसा टल गया। यहाँ एक तीन मंजिला मकान में पूजा के दौरान लगी आग से हड़कंप मच गया।
पूजा की सामग्री से भड़की लपटें
जानकारी के अनुसार, पृथ्वी साहनी और गोपाल साहनी के परिवार में दोपहर की पूजा हो रही थी। कपूर से आरती करते समय अचानक उसकी लपटें पास रखी पूजा सामग्री और कपड़ों तक पहुँच गईं। पुराने शहर की बनावट और कमरे में रखे ज्वलनशील सामान के कारण आग ने तेजी से कमरे को अपनी चपेट में ले लिया।
समय रहते सुरक्षित निकाले गए लोग
आग लगते ही घर के भीतर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन लपटें तीसरी मंजिल तक पहुँचने लगी थीं। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम संकरी गलियों के बावजूद मौके पर पहुँची और कड़ी मशक्कत के बाद आग को बुझाया। घर का काफी सामान जलकर राख हो गया है, लेकिन गनीमत यह रही कि परिवार के सभी सदस्यों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
