MMRDA ने स्वीकारा, मेट्रो निर्माण कार्य के कारण पर्यावरण को हो रहा नुकसान

महाराष्ट्र सरकार और MMRDA पर लगातार आरोप लगते रहे हैं कि विकास के नाम पर वे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं. कई इलाकों में पेड़ों को काटा जा रहा है और ग्रीनरी को नुकसान हो रहा है. अब MMRDA ने इसे स्वीकार कर लिया है कि इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के कारण पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है. MMRDA ने मुंबई वासियों के नाम एक पत्र लिखकर कहा है कि निर्माण कार्य के कारण पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है लेकिन यह तात्कालिक है. MMRDA कमिश्नर आरए राजीव ने दो पेज के पत्र में इस बात को स्वीकार करते हुए लिखा है कि इंफ्रास्ट्रक्चर मुंबई वासियों के जीवन यापन के लिए जरूरी है, इसलिए हम निर्माण कार्य करने को मजबूर हैं.

इंडिया टुडे से बातचीत करते हुए MMRDA के कमिश्नर ने कहा कि मेट्रो निर्माण के दौरान कई चीजों का ध्यान रखना पड़ता है. यह एक ग्रीन प्रोजेक्ट है. हम यह मानते हैं कि इस दौरान पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, लेकिन यह तात्कालिक है और इस कम करने के लिए हम बहुत हद तक साथ-साथ काम भी कर रहे हैं. मेट्रो प्रोजेक्ट के निर्माण को लेकर मुंबई को कई तरह के नुकसान हो रहे हैं तो कई फायदे भी हैं. हम इसे ज्याद दिनों तक टाल नहीं सकते, इसलिए लगातार निर्माण कार्य जारी है.

पत्र में क्या लिखा है

इंडिया टुडे के पास वह पत्र भी है. इसमें कहा गया है कि मुंबई एक अनोखा शहर है. इसके विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण बहुत जरूरी है. साथ में यह भी जरूरी है कि यहां के ग्रीन बेल्ट को सुरक्षित रखा जाए. मेट्रो एक ग्रीन प्रोजेक्ट है इसलिए इससे पर्यावरण को बहुत ज्यादा नुकसान नहीं होगा. 275 किलोमीटर मेट्रो के निर्माण से बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होगा.

MMRDA का पत्र

पत्र के जरिए मुंबई वासियों से की अपील

पत्र के जरिए मुंबई वासियों, पर्यावरणविदों, एनजीओ और पर्यावरण प्रेमियों से अपील की गई है कि सभी ध्यान दें कि मुंबई के विकास के लिए किन बातों पर ध्यान देने की जरूरत है. सभी साथ मिलकर काम करें और मुंबई के विकास में अपना योगदान दें.गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार और MMRDA पर विकास के कारण पर्यावरण की अनदेखी का लगातार आरोप लगने के साथ-साथ कोर्ट में कई शिकायतें भी दर्ज की गई हैं.

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