MP Weather: कहीं बारिश तो कहीं साफ रहेगा मौसम, जानें भोपाल-इंदौर समेत पूरे हफ्ते का हाल

भोपाल। बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में उत्पन्न हुआ चक्रवाती तूफान भले ही कमजोर पड़ चुका है, किंतु देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय हुए कई शक्तिशाली मौसमी तंत्रों के संयुक्त प्रभाव के चलते मध्य प्रदेश राज्य में आगामी तीन से चार नवंबर तक लगातार वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार इस मौसमी बदलाव का सबसे अधिक प्रभाव राज्य के दक्षिणी तथा पूर्वी अंचलों में देखने को मिलेगा, जिसके तहत प्रदेश के सत्ताईस जिलों में घने बादलों की आवाजाही के साथ-साथ तेज बौछारें पड़ने और झक्कड़ हवाएं चलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। विगत दो दिनों के दौरान खजुराहो, राजगढ़, सीधी, सतना, शिवपुरी, टीकमगढ़, उमरिया, दतिया, सागर, जबलपुर, रीवा, अनूपपुर, रतलाम और श्योपुर समेत कई अन्य स्थानों पर झमाझम वर्षा दर्ज की गई है, जिससे दिन के अधिकतम तापमान में पांच से छह डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट आई है, हालांकि न्यूनतम तापमान अभी भी सामान्य से दो-तीन डिग्री ऊपर बना हुआ है।

सक्रिय मौसमी प्रणालियों का प्रभाव और बंगाल की खाड़ी का नया सिस्टम

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान समय में एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर तथा उससे सटे क्षेत्रों के ऊपर अवदाब के रूप में केंद्रित हो रहा है, जिसके अगले कुछ दिनों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ते हुए आंध्र प्रदेश के तट की तरफ बढ़ने की प्रबल संभावना है। इसके अतिरिक्त वर्तमान में एक चक्रवातीय परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन), एक प्रभावी ट्रफ लाइन तथा पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय अवस्था में हैं। इन तमाम मौसमी प्रणालियों के परस्पर मेल और प्रभाव के कारण प्रदेश में चार नवंबर तक बादलों और बारिश का यह दौर बने रहने के आसार हैं, जिसके उपरांत ही मौसम की गतिविधियों में कमी आने की उम्मीद है।

विभिन्न जिलों में मौसम का मिजाज और संभावित वर्षा

पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा और तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके विपरीत राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, धार, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल और सागर संभाग के कुछ हिस्सों में मौसम मुख्यतः साफ रहने तथा आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है, जहां बारिश के आसार अपेक्षाकृत कम आंके गए हैं।

मानसून के आंकड़े और इस वर्ष की वर्षा की स्थिति

मौसम विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून मध्य प्रदेश में चौबीस जून से तीन अक्टूबर तक कुल सौ दिनों की अवधि तक सक्रिय रहा। राज्य में सामान्य वर्षा का निर्धारित औसत सैंतीस दशमलव तीन इंच है, जिसके मुकाबले इस बार लगभग पैंतीस दशमलव आठ इंच यानी पचानवे प्रतिशत से अधिक वर्षा दर्ज की गई। इन आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि प्रदेश में इस वर्ष लगभग चार प्रतिशत यानी डेढ़ इंच कम पानी गिरा। राज्य के पच्चीस जिलों में तो वर्षा का कोटा पूरी तरह से पूर्ण हो गया, लेकिन शेष तीस जिलों में औसत से कम बारिश दर्ज की गई, जिसमें पूर्वी अंचल में चार प्रतिशत अधिक वर्षा हुई जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से बारह प्रतिशत कम पानी बरसा।

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