मुंबई हादसा: घर छोड़ने की तैयारी थी, चंद घंटों की देरी ने उजाड़ दिया परिवार

मुंबई। महानगर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब मासूम जिंदगियों पर भारी पड़ने लगी है। मानखुर्द के मंडला स्थित जनता नगर इलाके से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक मजदूर की पत्नी और चार बच्चों की मां, अख्तर जहां को आने वाले खतरे का अंदेशा पहले ही हो गया था। उनके टिन-शेड वाले घर के ठीक बगल में खड़ी चार मंजिला इमारत के गिरने के साफ लक्षण दिखाई दे रहे थे। इसे देखते हुए जहां और उनके पति मोइनुद्दीन वादिज अली शाह ने रविवार को ही सुरक्षित स्थान पर जाने का मन बना लिया था, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था और शनिवार की रात को ही एक बड़ा हादसा हो गया।
सामान समेटते रह गए मासूम, पलक झपकते मलबे में तब्दील हुआ आशियाना
पड़ोसियों से मिली जानकारी के मुताबिक, लगातार हो रही तेज बारिश के कारण बगल की जर्जर और अवैध रूप से बनी इमारत बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच चुकी थी। इस डर से इलाके के कई लोगों ने अपने घरों को खाली करना भी शुरू कर दिया था। अख्तर जहां भी अपने बच्चों के साथ अगले दिन घर बदलने के लिए सामान की पैकिंग कर रही थीं, तभी अचानक वह चार मंजिला ढांचा भरभराकर उनके टिन-शेड वाले मकान पर आ गिरा।
हादसे में बाल-बाल बचे मोइनुद्दीन ने रोते हुए बताया कि वह घटना से कुछ ही देर पहले किसी काम से घर से बाहर निकले थे। उन्होंने अपने परिवार से कह दिया था कि वे रविवार सुबह ही यह जगह छोड़ देंगे। लेकिन उनके जाने के चंद मिनटों बाद ही पूरी इमारत उनके घर पर ताश के पत्तों की तरह ढह गई, जिससे घर के भीतर मौजूद उनके बच्चे और पत्नी मलबे के नीचे जिंदा दफन हो गए।
हादसे से पहले ही इमारत दे रही थी खतरे के संकेत
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस जर्जर इमारत के जमींदोज़ होने से कुछ घंटे पहले ही साफ तौर पर खतरे के संकेत मिलने लगे थे। दीवारें तेजी से चटक रही थीं, टाइलें टूटकर गिर रही थीं और पूरी इमारत एक तरफ झुक गई थी। इसी वजह से उस इमारत में रहने वाले किराएदार तो समय रहते अपनी जान बचाकर भाग निकले, लेकिन प्रशासन की लापरवाही और भवन मालिक की ढिलाई की कीमत बगल में रह रहे एक गरीब परिवार को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
भवन स्वामी और ठेकेदार गिरफ्तार, गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज
इस भीषण हादसे के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया है। पुलिस ने ढह गई इमारत के मालिक और उसका निर्माण करने वाले ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। जांच अधिकारी अब इस बात की कड़ाई से तफ्तीश कर रहे हैं कि यह बहुमंजिला इमारत बिना अनुमति के अवैध रूप से कैसे खड़ी की गई थी और निर्माण के समय सुरक्षा मानकों को किस तरह ताक पर रखा गया था।
अवैध निर्माण की बात आई सामने, रात भर चला रेस्क्यू ऑपरेशन
नगर निगम के प्रशासनिक अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि धराशायी हुई यह इमारत पूरी तरह से गैर-कानूनी तरीके से बनाई गई थी। हादसे के बाद मुंबई फायर ब्रिगेड, स्थानीय पुलिस, नगर निगम (BMC) के दस्ते और अन्य आपदा प्रबंधन एजेंसियों की टीमों ने मलबे में दबे लोगों को खोजने के लिए रात भर कड़ा बचाव अभियान चलाया, जिसके बाद शवों और घायलों को बाहर निकाला जा सका।
पीड़ित परिवार के लिए मुख्यमंत्री ने की मुआवजे की घोषणा
इस बेहद दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मृतकों के आश्रितों और परिजनों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 5-5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि (आर्थिक सहायता) देने का एलान किया है। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को घायलों के मुफ्त और समुचित इलाज के निर्देश भी जारी किए हैं।
