7.68 करोड़ की ठगी का राज बरकरार, दो हफ्ते बाद भी दिल्ली पुलिस के हाथ खाली

नई दिल्ली। देश के पूर्व प्रधानमंत्री आई.के. गुजराल के बेटे और प्रसिद्ध उद्योगपति नरेश गुजराल की कंपनी से 7.68 करोड़ रुपये की बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। इस हाई-प्रोफाइल धोखाधड़ी की जांच में जुटी दिल्ली पुलिस की 'इंटेलीजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस' (IFSO) यूनिट को शुरुआती सफलता तो मिली है, लेकिन मुख्य आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। जांच टीम ने ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल किए गए पहले स्तर के चार 'म्यूल बैंक खातों' (धोखाधड़ी के पैसों को घुमाने के लिए इस्तेमाल होने वाले फर्जी खाते) की पहचान कर ली है, पर दो हफ्ते बीत जाने के बाद भी कोई बड़ी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
मामले से जुड़ी मुख्य जानकारियां और जांच की स्थिति इस प्रकार है:
देश के अलग-अलग राज्यों से जुड़े हैं मुख्य बैंक खाते
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ठगी की गई भारी-भरकम राशि सबसे पहले जिन चार बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी, वे आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और मुंबई के पाए गए हैं। इनमें से एक राज्य में दो खाते सक्रिय थे। इन खातों के जरिए ही ठगों ने पूरी रकम को अलग-अलग जगहों पर डायवर्ट किया।
40 अन्य खातों में घुमाई गई ठगी की रकम
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि जालसाजों ने पुलिस को चकमा देने और पैसों को छिपाने के लिए एक बेहद जटिल नेटवर्क तैयार किया था। पहले लेयर (स्तर) के चार खातों में पैसे आने के तुरंत बाद, इस रकम को दूसरे लेयर के करीब 40 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया गया।
पुलिस के हाथ अब तक लगी केवल एक कामयाबी
इतने बड़े बैंकिंग नेटवर्क और दर्जनों खातों के बीच उलझी पुलिस के हाथ अब तक केवल एक ही आरोपी लगा है। दूसरे स्तर के 40 खातों में से केवल एक खाता धारक को ही पुलिस अब तक दबोच पाई है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता और अन्य खाता धारक लगातार अपनी लोकेशन बदलकर फरार चल रहे हैं। आईएफएसओ की टीमें इन राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही हैं।
