दो दिवसीय उत्तर प्रदेश दौरे पर नवीन, चुनावी तैयारियों का करेंगे गहन समीक्षा

नई दिल्ली। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उत्तर प्रदेश के अपने पहले दो दिवसीय दौरे के दौरान नितिन नवीन न केवल संगठन और सरकार के स्तर पर सामंजस्य बिठाएंगे, बल्कि मिशन 2027 के लिए की जा रही तैयारियों का धरातल पर आकलन भी करेंगे। शनिवार से प्रारंभ हो रहे इस दौरे के जरिए नितिन की योजना आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी की रणनीतियों को और प्रभावी बनाने की है। अपनी इस यात्रा में नितिन जिला अध्यक्षों, शक्ति केंद्र प्रभारियों, प्रदेश के पदाधिकारियों और राज्य के कोर ग्रुप में शामिल शीर्ष नेताओं से सीधा संवाद स्थापित करेंगे।
रोड शो से शुरुआत और पदाधिकारियों के साथ मंथन
नितिन नवीन का यह यूपी दौरा उस समय हो रहा है जब प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने हाल ही में अपनी नई टीम का गठन किया है और राज्य में राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी का मामला पूरी तरह गरमाया हुआ है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस दौरे की शुरुआत हवाई अड्डे से लेकर प्रदेश भाजपा मुख्यालय तक एक भव्य रोड शो के माध्यम से होगी, जहां 50 से अधिक स्थानों पर विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा उनका स्वागत किया जाएगा। पार्टी कार्यालय पहुंचने के तुरंत बाद नितिन नई कार्यकारिणी के नवनियुक्त पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे।
संगठनात्मक जिलों और शक्ति केंद्रों की समीक्षा
दौरे का मुख्य ध्येय आगामी विधानसभा चुनाव की जमीनी हकीकत को समझना है। इसी सिलसिले में नितिन नवीन राज्य के सभी 98 संगठनात्मक जिलों के अध्यक्षों के साथ बैठक करके चुनावी रूपरेखा की समीक्षा करेंगे, जिसमें बूथ स्तर पर अब तक हुए कार्यों का फीडबैक लिया जाएगा। इसके पश्चात, वे तीन-चार बूथों को जोड़कर बनाए गए अवध क्षेत्र के लगभग साढ़े छह हजार शक्ति केंद्र प्रभारियों से सीधा संवाद करेंगे। इस सत्र में बूथवार तैयार की गई रणनीतियों को परखा जाएगा। इसके साथ ही, वे सहयोगी दलों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वैचारिक संगठनों के प्रतिनिधियों से भी चर्चा करेंगे।
कोर ग्रुप की बैठक में भावी दिशा-निर्देश
दौरे का आखिरी दिन यानी रविवार का सत्र सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दिन नितिन नवीन राज्य के कोर ग्रुप के साथ एक अहम बैठक करेंगे, जिसमें संगठन महासचिव बीएल संतोष, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, दोनों उप-मुख्यमंत्री और राज्य के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इस मैराथन बैठक में नितिन पिछले सत्रों से प्राप्त फीडबैक और अनुभवों के आधार पर कोर ग्रुप के नेताओं के साथ चर्चा करेंगे और भावी चुनावी रणनीतियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेंगे।
