दवा की जगह मिली लापरवाही! मासूम को एक्सपायर्ड इंजेक्शन, फार्मेसी 15 दिन सील

अंबिकापुर: जिले के सिद्धार्थ अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है, जहां एक साढ़े तीन वर्ष के मासूम बच्चे को मियाद पूरी (एक्सपायर्ड) हो चुका इंजेक्शन लगा दिया गया। पीड़ित पिता द्वारा कलेक्टर से की गई शिकायत के बाद हरकत में आए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अस्पताल की फार्मेसी को 15 दिनों के लिए सील कर दिया है। जांच दल को मेडिकल स्टोर से उसी बैच के तीन अन्य एक्सपायर्ड इंजेक्शन भी मिले हैं।

खाली वायल चेक करने पर खुला मियाद पूरी दवा का सच

सरगुजा जिले के लखनपुर निवासी शम्स खान ने अपने पुत्र उमैर खान को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था। चिकित्सक द्वारा पर्चे पर एमिकेसिन 250mg इंजेक्शन लिखे जाने के बाद पिता ने इसे अस्पताल परिसर स्थित मेडिकल स्टोर से खरीदकर नर्सिंग स्टाफ को सौंप दिया। अगले दिन जब पिता ने खाली वायल (शीशी) की जांच की, तो उस पर निर्माण तिथि मई 2024 और एक्सपायरी तिथि अप्रैल 2026 दर्ज पाई गई। मामला सामने आते ही पिता ने जिला कलेक्टर से लिखित शिकायत दर्ज कराई।

कलेक्टर के निर्देश पर टीम ने मारा छापा, सील हुई फार्मेसी

जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) की विशेष टीम, जिसमें ड्रग इंस्पेक्टर और नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी शामिल थे, ने अस्पताल परिसर में दबिश दी। जांच के दौरान उसी संदिग्ध बैच के तीन और एक्सपायर्ड इंजेक्शन बरामद हुए। औषध निरीक्षक (ड्रग इंस्पेक्टर) ने त्वरित संज्ञान लेते हुए फार्मेसी को आगामी 15 दिनों के लिए सील कर दिया है और संचालक से लिखित स्पष्टीकरण तलब किया है।

इलाज के दौरान तीन स्तरों पर घोर लापरवाही

इस गंभीर घटनाक्रम में तीन चरणों पर भारी चूक उजागर हुई है:

  • फार्मासिस्ट की लापरवाही: डॉक्टर का पर्चा मिलने पर मेडिकल स्टोर संचालक ने बिना एक्सपायरी डेट जांचे प्रतिबंधित दवा बेच दी।

  • अभिभावक की चूक: दवा खरीदते समय सतर्कता न बरतते हुए तिथि की जांच नहीं की गई।

  • चिकित्सक व नर्सिंग स्टाफ की अनदेखी: सबसे बड़ी मेडिकल लापरवाही उपचार कर रहे डॉक्टर और नर्स के स्तर पर हुई, जिन्होंने मासूम को सिरिंज लगाने से पहले दवा की वैधता अवधि जांचना भी मुनासिब नहीं समझा।

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