24 लाख के आभूषण बरामद होने से चांडिल डकैती मामले में नया मोड़, ब्रिटिशकालीन सिक्के भी मिले

चांडिल। स्थानीय बस स्टैंड के पास रहने वाले पूर्व सर्राफा व्यापारी उमंग चौधरी के आवास पर हुई सनसनीखेज डकैती की वारदात का पुलिस ने आखिरकार पर्दाफाश कर दिया है। गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने तकनीकी साक्ष्यों और गहन अनुसंधान के आधार पर कार्रवाई करते हुए इस मामले में दो और मुख्य आरोपियों को दबोचने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने इन गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से लगभग चौबीस लाख रुपये बाजार मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात और ऐतिहासिक ब्रिटिशकालीन सिक्के भी बरामद किए हैं।

कूरियर डिलीवरी करने वाला निकला मास्टरमाइंड

विशेष जांच दल द्वारा की गई आगे की तफ्तीश में यह बात सामने आई कि चांडिल के सुकसारी गांव का रहने वाला राहुल कुमार महतो इस पूरी साजिश का मुख्य सूत्रधार है। राहुल एक कूरियर कंपनी में सामान पहुंचाने का कार्य करता था। पुलिस की पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि वर्ष 2022-23 के दौरान जब वह घाघीडीह केंद्रीय कारागार में बंद था, तब उसकी जान-पहचान कुख्यात डकैत मोहिउद्दीन और सोबराती से हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद राहुल ने ही पूर्व व्यापारी उमंग चौधरी के घर की रेकी की थी और डकैतों को विशेष रूप से चांडिल बुलाकर इस दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिलवाया था।

धनबाद से लूटे गए आभूषण खरीदने वाला धरा गया

जांच टीम ने डकैती का माल ठिकाने लगाने और चोरी के आभूषण खरीदने वाले आरोपी त्रिवेणी प्रसाद स्वर्णकार को भी धनबाद जिले के बरोरा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इस आरोपी की निशानदेही पर पांच हजार एक सौ बयालीस ग्राम पिघली हुई चांदी, अस्सी ग्राम पिघला हुआ सोना और बत्तीस नग प्राचीन ब्रिटिशकालीन चांदी के सिक्के बरामद किए हैं। इसके अलावा दो चांदी के स्वास्तिक तथा ब्रेसलेट में जड़े ग्यारह नग हीरे भी जब्त किए गए हैं। पुलिस ने इनके पास से दो एंड्रॉइड मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल भी अपने कब्जे में ली है, और बरामद की गई कुल सामग्री का अनुमानित मूल्य चौबीस लाख रुपये आंका गया है।

पूर्व में भी पांच शातिर आरोपी जा चुके हैं जेल

इस बहुचर्चित डकैती कांड के अन्य मुख्य आरोपियों जैसे मोहिउद्दीन अंसारी, गुलजार अंसारी, सद्दाम अंसारी, सोबराती अंसारी और शेख जमील को पुलिस पहले ही हजारीबाग से गिरफ्तार करके जेल की सलाखों के पीछे भेज चुकी है। इस पूरी कार्रवाई को सफल बनाने में मुख्यालय पुलिस उपाधीक्षक, नक्सल शाखा प्रभारी, चांडिल अंचल निरीक्षक और स्थानीय थाना प्रभारी सहित पुलिस बल के कई अधिकारी शामिल रहे, जिन्होंने अपनी कार्यकुशलता से इस बड़े मामले का खुलासा किया।

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