NIA की देशभर में ताबड़तोड़ कार्रवाई, ISIS और AQIS की साजिश हुई नाकाम

नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने देश की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले एक बहुत बड़े अंतरराष्ट्रीय डिजिटल नेटवर्क पर अब तक का सबसे बड़ा प्रहार किया है। जांच एजेंसी ने बुधवार को एक बड़ा और व्यापक राष्ट्रव्यापी अभियान चलाते हुए इंटरनेट के माध्यम से देश में फैल रहे ऑनलाइन कट्टरपंथ और आतंकी गतिविधियों के एक बहुत बड़े सांठगांठ को पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया। सुरक्षा एजेंसियों को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि कुछ संदिग्ध तत्व डिजिटल दुनिया का सहारा लेकर देश विरोधी ताकतों को मजबूत करने में जुटे हैं, जिसके बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई है।

दस राज्यों के बीस ठिकानों पर एनआईए की एक साथ बड़ी छापेमारी

केंद्रीय जांच एजेंसी ने अपनी इस बेहद गोपनीय और सुनियोजित कार्रवाई के तहत देश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ धावा बोला। सुरक्षा बलों के सहयोग से एनआईए की विभिन्न टीमों ने देश की राजधानी दिल्ली सहित देश के कुल दस राज्यों में फैले लगभग बीस अलग-अलग ठिकानों पर तड़के एक साथ छापेमारी की। इस औचक कार्रवाई से संदिग्धों और उनके मददगारों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण परिसरों को अपने घेरे में लेकर बारीकी से जांच पड़ताल शुरू कर दी।

सोशल मीडिया के जरिए युवाओं के ब्रेनवॉश करने वाले निशाने पर

इस पूरी राष्ट्रव्यापी कार्रवाई के केंद्र में मुख्य रूप से वे शातिर और संदिग्ध लोग शामिल हैं जो इंटरनेट की दुनिया में बैठकर देश के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे थे। जांच एजेंसी के रडार पर आए ये आरोपी विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, मैसेजिंग ऐप्स और अन्य ऑनलाइन माध्यमों का दुरुपयोग कर रहे थे। इनका मुख्य मकसद देश के भोले-भाले और कम उम्र के युवाओं को गुमराह करना, उनके दिमाग में नफरत का जहर घोलना और उन्हें देश के खिलाफ कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़कर राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के दलदल में धकेलना था।

आईएसआईएस और अल-कायदा की खतरनाक विचारधारा फैलाने की साजिश

एजेंसी द्वारा की गई शुरुआती तफ्तीश और पूछताछ में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पकड़े गए आरोपी दुनिया के सबसे खतरनाक और प्रतिबंधित आतंकी संगठनों आईएसआईएस और अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (एक्यूआईएस) की हिंसक विचारधारा से प्रभावित थे। ये लोग इंटरनेट पर इन खूंखार संगठनों के साहित्य और वीडियो का बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार कर रहे थे। इनका अंतिम उद्देश्य भारत की संप्रभुता को नुकसान पहुंचाना और यहां हिंसक जिहाद के बलबूते तथाकथित इस्लामिक स्टेट और खिलाफत की स्थापना के लिए जमीन तैयार करना था।

युवा पीढ़ी को आतंकवाद के रास्ते पर धकेलने का हुआ भंडाफोड़

जांचकर्ताओं के मुताबिक यह पूरा नेटवर्क देश की युवा पीढ़ी को अपना निशाना बना रहा था ताकि उन्हें आसानी से आतंकवाद के रास्ते पर अग्रसर किया जा सके। एनआईए की इस मुस्तैदी और समय पर की गई सख्त कार्रवाई से न सिर्फ युवाओं को गुमराह करने वाली एक बहुत बड़ी साजिश का समय रहते पर्दाफाश हो गया है, बल्कि आतंकियों के उस स्लीपर सेल नेटवर्क को भी करारा झटका लगा है जो देश के भीतर ही रहकर देश को खोखला करने की बड़ी साजिश बुन रहा था।

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