OLX में कार बेचने को दिया विज्ञापन, ऐसे हो गया ठगी का शिकार

रायपुर। सोशल साइट ओएलएक्स में कार बेचने का विज्ञापन देने वाले से ठगी का मामला सामने आया है। अटल नगर निवासी विधि व्यवसायी देवप्रसाद जोशी ठगी के शिकार हुए हैं। दरअसल देवप्रसाद ने अपनी अल्टो कार को बेचने के लिए ओएलएक्स में विज्ञापन दिया था। राहुल शर्मा नामक आरोपित ने कार का सौदा 47 हजार रुपये किया और बयाने की राशि देने के नाम पर देवप्रसाद से बैंक का खाता नंबर पूछा और उसके ही खाते से 12 हजार 500 रुपये पार कर दिया। शिकायत पर राखी पुलिस ने चार सौ बीसी का केस दर्ज दर्ज कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक सेक्टर 27 अटल नगर निवासी देवप्रसाद जोशी ने अपनी अल्टो कार क्रमांक सीजी 10 एफ 0626 को बेचने का विज्ञापन ओएलएक्स में दिया था। 5 अप्रैल को दोपहर करीब 12 बजे मोबाइल नंबर 7534876387 से राहुल शर्मा नामक शख्स ने कॉल कर 47 हजार रुपये में कार खरीदने का सौदा कर टोकन मनी (बयाना) देने के लिए देवप्रसाद से बैंक खाता का नंबर पूछा।
देवप्रसाद ने एसबीआइ लोरमी शाखा का खाता नंबर वाट्सएप पर बताया। इसके बाद उसने गूगल पे आइडी, गूगल पे वायलेट मांगा। देवप्रसाद ने दोनों को बताया तो ठग ने यूपीआइ आइडी से मैसेज (लिंक) भेजा जिसे उसने प्रोसिड करने कहा। प्रोसिड करने पर ठग ने खाता में पैसा होने की बात कही।
देवप्रसाद ने अपने गूगल पे यूपीआइडी से ठग द्वारा भेजे मैसेज की ट्रांजेक्शन आइडी 909552760814 दस हजार रुपये प्रोसिड किया और दूसरेीबार पुनः ढाई हजार रुपये यूपीआइ ट्रांजेक्शन आइडी 909552146933 को प्रोसिड किया।
उसके बाद जब उसने अपना खाता चेक किया तो पता चला कि ठग ने पैसा न भेजकर उल्टे उसके ही खाते से 12 हजार 500 रुपये का आहरण कर लिया है। देवप्रसाद ने कॉल कर पैसे वापस लौटाने को कहा तो वह गाली-गलौज करने के साथ जान से मारने की धमकी देने लगा।
सेना का जवान, अफसर बताकर कर रहा ठगी
पुलिस सूत्रों ने बताया कि राजधानी में पिछले कई महीने से सेना की वर्दी वाले फोटो सोशल साइट पर अपलोड कर शातिर जालसाज लगातार लोगों को फंसाकर ठगी कर रहा है। ठगी करने वह ओएलएक्स का सहारा ले रहा है। यह शातिर ठग ओएलएक्स में स्कॉर्पियो, इंडिका, आई-10 और वैगन आर जैसी चारपहिया गाड़ियों की फोटो अपलोड कर बेहद कम कीमत उसमें डिस्प्ले करता है।
आकर्षक कीमत में महंगी गाड़ी का विज्ञापन देखकर कोई न कोई उसके जाल में फंसकर दिए गए नंबर पर संपर्क करता है। वह शख्स खुद को सेना का जवान या अफसर बताता है। फोन पर ही गाड़ी का सौदा करने के बाद विश्वास में लेने के लिए सेना की वर्दी पहना फोटो और सेना के मोनो वाले आइडी प्रूफ, कैंटीन का आइडी प्रूफ, आधार कार्ड, पेन कार्ड समेत अन्य दस्तावेज वाट्सएप पर भेजता है। बाद में गाड़ी को ट्रायल में भेजने का झांसा देकर खाते में हजारों रुपये टोकन मनी के रूप में जमा करा लेता है।
इनको बना चुका है शिकार
टिकरापारा के नंदकिशोर साहू ने पुरानी कार खरीदने के लिए ओएलएक्स साइट देखी। एक कार पसंद आई तो साइट पर दिए नंबर पर कॉल किया। फोन उठाने वाले ने खुद को सेना का जवान बताया। उसे रजिस्ट्रेशन के लिए 15 हजार का टोकन लेने को कहा फिर उसके मोबाइल पर एक खाता नंबर मैसेज किया गया।
साहू ने पैसे जमा कर दिए। उसके बाद से ठग का मोबाइल बंद है। डीडी नगर के प्रशांत कुमार भी इसी तरह से कार खरीदने के चक्कर में ठगी के शिकार हुए हैं। भिलाई, जामुल के टैक्सी चालक शेख रकीब ने ओएलएक्स में एक मोबाइल पसंद किया।
उसमें दिए नंबर पर संपर्क किया तो खुद को सेना में जवान और ड्यूटी माना एयरपोर्ट में बताई। मोबाइल का सौदा तय होने पर ठग ने आधार कार्ड और अन्य जानकारी मांगी। उन्हें मोबाइल लेने के लिए एयरपोर्ट बुलाया। शेख रकीम वहां इंतजार करते रहे और उनके खाते से पैसे निकल गए। इसी तरह गोलबाजार के कारोबारी अनिल होतवानी से भी इस ठग ने 4200 रुपये ठगे हैं।
डिजिटल ट्रांजेक्शन बन रहा परेशानी का सबब
डिजिटल ट्रांजेक्शन सबसे सरल, सुलभ और आसान लेनदेन है। नोटबंदी के बाद लोगों ने एटीएम व क्रेडिट कार्ड के साथ ऑनलाइन बैंकिंग, पे-टीएम, ई वालेट आदि पर भरोसा किया। अब यही परेशानी का सबब बनते जा रहा है।
