संजय देशमुख को खुली धमकी! उद्धव गुट के नेता के बयान से बढ़ा सियासी तापमान

यवतमाल। महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (यूबीटी) के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सड़कों पर आने लगी है। पार्टी के एक स्थानीय पदाधिकारी ने बुधवार को यवतमाल-वाशिम संसदीय क्षेत्र से नवनिर्वाचित लोकसभा सदस्य संजय देशमुख को खुलेआम एक बेहद तीखी और गंभीर चेतावनी दे डाली है। पदाधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि सांसद संजय देशमुख ने अपने पद से त्यागपत्र दिए बिना दल-बदल करने या राजनीतिक निष्ठा बदलने का प्रयास किया, तो उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्र की सीमा में कदम रखने की भूल नहीं करनी चाहिए। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक हलकों में ऐसी अफवाहें और अटकलें तेज हैं कि उद्धव ठाकरे गुट के कई सांसद पाला बदलकर सत्ताधारी खेमे में जा सकते हैं, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं का आक्रोश भड़क उठा है।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल और वाहन फूंकने की धमकी

इस पूरे विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे एक वीडियो क्लिप से हुई, जिसमें शिवसेना (यूबीटी) के स्थानीय नेता विजय शेंडगे सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में शेंडगे ने सीधे तौर पर सांसद संजय देशमुख को आगाह करते हुए कहा कि अगर उन्होंने संसद सदस्यता से इस्तीफा दिए बिना मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट का दामन थामा, तो उन्हें वाशिम जिले में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने बेहद आक्रामक लहजे में चेतावनी दी कि यदि वे बिना त्यागपत्र दिए यहां आए, तो शिव सैनिक चुप नहीं बैठेंगे और उनके वाहनों को आग के हवाले कर दिया जाएगा।

शिवसैनिकों के संघर्ष और कार्यकर्ताओं के साथ धोखे का आरोप

विजय शेंडगे ने अपने बयान की पृष्ठभूमि स्पष्ट करते हुए कहा कि यदि सांसद महोदय को एकनाथ शिंदे गुट की नीतियां पसंद आ रही हैं और वे वहां जाना चाहते हैं, तो वे पूरी खुशी के साथ जा सकते हैं, लेकिन नैतिक आधार पर उन्हें सबसे पहले अपने लोकसभा पद का परित्याग करना होगा। उन्होंने तर्क दिया कि संजय देशमुख को देश की संसद में भेजने के लिए उन आम शिवसैनिकों ने दिन-रात एक करके पसीना बहाया था, जो एकनाथ शिंदे गुट के आधिकारिक उम्मीदवार के विरुद्ध चुनावी मैदान में डटे हुए थे। कार्यकर्ताओं ने अपनी जान जोखिम में डालकर उन्हें जीत दिलाई थी, ऐसे में यदि वे अब पाला बदलकर कार्यकर्ताओं के संघर्ष के साथ विश्वासघात करते हैं, तो उन्हें इसके बेहद गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा।

नेता द्वारा चेतावनी की पुष्टि और इस्तीफे की मांग पर अड़े कार्यकर्ता

बाद में जब स्थानीय स्तर पर विजय शेंडगे से इस विषय में संपर्क साधा गया, तो उन्होंने पूरी मुखरता के साथ इस बात की पुष्टि की कि सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया वह वीडियो उन्हीं का है और वे अपने बयान पर पूरी तरह कायम हैं। उन्होंने साफ किया कि यह केवल एक वीडियो संदेश नहीं बल्कि समूचे क्षेत्र के वफादार शिवसैनिकों की अंतरात्मा की आवाज है जो किसी भी स्तर पर गद्दारी बर्दाश्त नहीं करेंगे। शेंडगे ने दोहराया कि लोकतंत्र में पाला बदलने की स्वतंत्रता सबको है, परंतु जनता के मतों का सौदा करके और बिना इस्तीफा दिए स्वार्थ की राजनीति करने वाले नेताओं को अब जनता और कार्यकर्ताओं के भारी विरोध का सामना करना ही पड़ेगा।

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