रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच मानवीय सहायता का रास्ता खुला, 2000 लोगों को मिलेगा फायदा

माइकोलाइव। रूस और यूक्रेन के बीच मंगलवार तड़के से स्थानीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण संघर्षविराम प्रभावी हो गया है। यह अस्थायी युद्धविराम अमेरिकी प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप के नेतृत्व में संचालित किए जा रहे एक बड़े मानवीय सहायता अभियान को सुरक्षित रास्ता प्रदान करने के उद्देश्य से लागू किया गया है। यूक्रेन के स्थानीय समयानुसार यह संघर्षविराम तड़के तीन बजे से अमल में आया। इस मानवीय पहल का मुख्य ध्येय चालू सप्ताह के अंत तक दक्षिणी यूक्रेन के रूसी नियंत्रण वाले ओलेश्की शहर में फंसे हुए नागरिकों तक अत्यावश्यक राहत सामग्री और चिकित्सीय सहायता पहुंचाना है।

मेलानिया ट्रंप के नेतृत्व में वार्ता और शनिवार तक संघर्षविराम की योजना

मेलानिया ट्रंप के कार्यालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के उच्च अधिकारियों से भेंट करने के उपरांत रूस और यूक्रेन के नागरिक वार्ताकारों के साथ आयोजित गहन चर्चा का नेतृत्व किया। संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधियों ने ओलेश्की शहर की वर्तमान विषम परिस्थितियों और मानवीय संकट से उन्हें अवगत कराया था। तय योजना के मुताबिक यह संघर्षविराम शनिवार तक जारी रहेगा, जिसे परिस्थितियों की आवश्यकतानुसार आगे भी बढ़ाया जा सकता है। यद्यपि दोनों देशों के बीच बने गहरे अविश्वास के कारण पूर्व में भी कई युद्धविराम प्रयास विफल रहे हैं, किंतु इस मानवीय पहल से एक नई उम्मीद जगी है।

ओलेश्की में फंसे दो हजार लोग और राहत सामग्री पहुंचाने की प्राथमिक रणनीति

संयुक्त राष्ट्र के आकलन के अनुसार ओलेश्की शहर में वर्तमान में लगभग दो हजार आम नागरिक फंसे हुए हैं, जहां भोजन, स्वच्छ पेयजल और आवश्यक औषधियों का भंडार तेजी से समाप्त हो रहा है। क्षेत्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगों और लगातार मंडराते ड्रोन हमलों के जोखिम के कारण नागरिक वहां से पलायन करने में असमर्थ हैं। राहत अभियान से जुड़े मध्यस्थों ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सुरक्षित गलियारा बनाने से पूर्व ओलेश्की में चिकित्सकों का दल, जीवनरक्षक दवाएं, खाद्य सामग्री और पेयजल की त्वरित आपूर्ति पहुंचाई जाएगी।

रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खेरसॉन क्षेत्र और आगामी शांति वार्ता की संभावनाएं

ओलेश्की शहर आंशिक रूप से रूस के नियंत्रण वाले खेरसॉन क्षेत्र में स्थित है, जो यूक्रेन की राजधानी कीव से लगभग 550 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में नीपर नदी के तट पर बसा है। वर्ष 2022 में सैन्य अभियान के प्रारंभ में ही रूसी सेना ने इस पर नियंत्रण स्थापित कर लिया था, जिसके बाद जून 2023 में बांध टूटने से आई बाढ़ ने यहां व्यापक तबाही मचाई थी। इस मानवीय राहत अभियान की रूपरेखा रूस और यूक्रेन के बीच अगले माह प्रस्तावित शांति वार्ता से ठीक पहले तैयार की गई है। अमेरिकी मध्यस्थता में आयोजित होने वाली इन संभावित वार्ताओं का मुख्य उद्देश्य पिछले साढ़े चार वर्षों से अधिक समय से चले आ रहे इस भीषण सैन्य संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में एक सर्वसम्मत समाधान खोजना है।

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