किचन में ही तैयार होगा परफेक्ट आम का अचार, धूप का इंतजार नहीं करना पड़ेगा

गर्मियों का मौसम आते ही भारतीय घरों में कच्चे आम के अचार की सोंधी खुशबू फैलने लगती है। हर साल लोग बाजारों से ढूंढ-ढूंढकर अच्छे और सख्त कच्चे आम खरीदते हैं ताकि पूरे साल के लिए खाने का स्वाद दोगुना किया जा सके। आमतौर पर पारंपरिक तरीके से अचार बनाने के लिए कड़कड़ाती और तेज धूप को सबसे जरूरी माना जाता है, क्योंकि धूप की मदद से अचार के मसालों का मॉइस्चर (नमी) खत्म होता है, वह जल्दी पकता है और साल भर सुरक्षित रहता है। लेकिन इस बार जून के महीने में मौसम के बदले मिजाज ने गृहणियों की चिंता बढ़ा दी है। दिल्ली-एनसीआर सहित देश के कई प्रमुख शहरों में समय से पहले प्री-मानसून जैसी स्थिति बन गई है। अचानक तेज बारिश और आसमान में बादलों की आवाजाही के कारण लोगों का अचार बनाने का प्लान बिगड़ता नजर आ रहा है।

अगर आप भी इस बदलते मौसम को देखकर परेशान हैं कि बिना धूप के आम का चटपटा अचार कैसे तैयार होगा, तो अब चिंता छोड़ दीजिए। बिना धूप दिखाए भी आप घर पर बेहद आसान तरीके से ऐसा स्वादिष्ट और पारंपरिक आम का अचार बना सकते हैं, जो स्वाद और खुशबू में तो लाजवाब होगा ही, साथ ही सालों-साल खराब भी नहीं होगा। आइए जानते हैं बिना धूप वाले आम के अचार की यह खास और आसान रेसिपी:

अचार बनाने के लिए जरूरी सामग्रियां (सामग्री की सही मात्रा)

स्वाद और टिकाऊपन के लिए इन सामग्रियों को इसी अनुपात में लें:

  • कच्चे और सख्त आम: 1 किलो

  • नमक: 100 ग्राम

  • हल्दी पाउडर: दो बड़े चम्मच

  • सौंफ: 50 ग्राम

  • राई (दरदरा पाउडर): 50 ग्राम

  • मेथी दाना: 25 ग्राम

  • लाल मिर्च पाउडर: दो बड़े चम्मच

  • सरसों का तेल: आवश्यकतानुसार (शुद्ध और गाढ़ा)

बिना धूप के आम का अचार बनाने की स्टेप-बाय-स्टेप विधि:

  • स्टेप 1 (धुलाई और सफाई): सबसे पहले अच्छी क्वालिटी के कच्चे और सख्त आम लें। इन्हें पानी में अच्छी तरह धोकर एक साफ सूती कपड़े से पोंछ लें और पंखे की हवा में पूरी तरह सूखने दें।

  • स्टेप 2 (कटिंग): इसके बाद आम को अपने मनचाहे छोटे या मध्यम आकार के टुकड़ों में काट लें। विशेष ध्यान रखें कि काटने के बाद आम में पानी या नमी की एक बूंद भी न रहे, क्योंकि बिना धूप वाले अचार में नमी ही फंगस या अचार खराब होने का सबसे बड़ा कारण बनती है।

  • स्टेप 3 (मसाला कोटिंग): अब एक बड़े और पूरी तरह सूखे बर्तन में आम के टुकड़ों को डालें। इसमें नमक, हल्दी, सौंफ, राई का दरदरा पाउडर, मेथी दाना और लाल मिर्च पाउडर डालें। सभी मसालों को हाथों या सूखे चम्मच की मदद से आम के टुकड़ों पर अच्छी तरह कोट (मिला) कर दें।

  • स्टेप 4 (तेल का सही इस्तेमाल): एक कड़ाही में लगभग 250 से 300 मिलीलीटर सरसों का तेल तब तक गर्म करें जब तक कि उसमें से धुआं न निकलने लगे (इससे तेल का तीखापन कम होता है)। इसके बाद गैस बंद कर दें और तेल को रूम टेम्परेचर पर पूरी तरह ठंडा होने दें।

  • स्टेप 5 (मिक्सिंग): जब तेल पूरी तरह ठंडा हो जाए, तो इसे मसाले वाले आम के टुकड़ों में डाल दें। तेल की मात्रा इतनी होनी चाहिए कि आम के टुकड़े उसमें अच्छी तरह डूब जाएं। यही तेल बिना धूप वाले अचार को नेचुरल प्रिजर्वेटिव (सुरक्षा कवच) की तरह सालों-साल सुरक्षित रखता है।

अचार को स्टोर करने का सबसे सही तरीका (Storage Rules)

  • तैयार हो चुके अचार के मिश्रण को कांच या चीनी मिट्टी के साफ, धुले और पूरी तरह सूखे हुए जार (बरनी) में भर दें।

  • जार का ढक्कन एयरटाइट बंद करें और इसे रसोई (किचन) के किसी ऐसे कोने या शेल्फ में रखें जहां सूखापन हो और नमी न आती हो।

  • रोजाना नियम से एक बार पूरी तरह सूखे और साफ चम्मच से अचार को ऊपर-नीचे (हल्का सा हिलाते) करते रहें।

  • लगभग 5 से 7 दिनों के भीतर मसालों और तेल का फ्लेवर आम के टुकड़ों के अंदर तक अच्छी तरह समा जाएगा और आपका बिना धूप वाला लाजवाब अचार खाने के लिए बिल्कुल तैयार हो जाएगा।

स्मार्ट टिप्स: बिना धूप वाले अचार को खराब होने से कैसे बचाएं?

अगर आप चाहते हैं कि आपका यह अचार कई महीनों या सालों तक फ्रेश बना रहे, तो इन बातों का विशेष ख्याल रखें:

  1. चम्मच की शुद्धता: अचार निकालने के लिए कभी भी गीले हाथ या गीले चम्मच का इस्तेमाल न करें। हमेशा प्लास्टिक या स्टील का सूखा चम्मच ही जार में डालें।

  2. तेल का लेवल: समय-समय पर जार को चेक करते रहें। अचार के ऊपर हमेशा सरसों के तेल की एक पतली परत बनी होनी चाहिए। अगर तेल कम लगे, तो थोड़ा तेल दोबारा गर्म करके, ठंडा करके ऊपर से डाल दें।

  3. नमी से दूरी: जार को सिंक या पानी वाली जगह से दूर रखें। इन छोटी-छोटी सावधानियों को अपनाकर आप दिल्ली-एनसीआर जैसी उमस और बारिश वाले मौसम में भी घर बैठे पारंपरिक और शुद्ध अचार का आनंद ले सकते हैं।

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