कालाष्टमी पर करें 5 उपाय, भगवान काल भैरव की कृपा पाने का सबसे आसान तरीका

हिंदू पंचांग में हर तिथि और वार का विशेष धार्मिक महत्व बताया गया है. इन्हीं महत्वपूर्ण तिथियों में कालाष्टमी का स्थान खास माना जाता है. यह पर्व प्रत्येक माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है. इस दिन भगवान शिव के उग्र स्वरूप माने जाने वाले काल भैरव की विधि-विधान से पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, काल भैरव की सच्ची श्रद्धा से आराधना करने पर भक्तों को भय, संकट, नकारात्मक ऊर्जा और जीवन की परेशानियों से सुरक्षा मिलती है. उज्जैन के ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज लोकल 18 को बताते हैं कि कालाष्टमी साधना और विशेष उपायों के लिए भी बेहद शुभ मानी जाती है. इस दिन किए गए उपाय जीवन की बाधाएं दूर करने में सहायक माने जाते हैं.
वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का आरंभ 4 सितंबर 2026 को सुबह 02:25 बजे होगा. वहीं अष्टमी तिथि का समापन 5 सितंबर 2026 को रात 12:13 बजे होगा. उदयातिथि के आधार पर कालाष्टमी का व्रत 4 सितंबर 2026, दिन शुक्रवार को रखा जाएगा. भक्त इस दिन भगवान काल भैरव की पूजा कर उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं.
जरूर करें ये उपाय
1. कालाष्टमी पर भैरव मंदिर जाकर भगवान भैरव के चरणों में अर्पित सिंदूर थोड़ा सा प्राप्त करें. इसे काले धागे पर लगाकर ‘ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं’ मंत्र का जाप करें. इसके बाद धागे को गले या दाएं हाथ की कलाई में बांध लें. मान्यता है कि यह उपाय नकारात्मक ऊर्जा और बुरी नजर से बचाव में सहायक होता है.
2. अगर तमाम कोशिशों के बावजूद जीवन में किसी न किसी चीज का अभाव बना हुआ है, तो कालाष्टमी पर यह उपाय कर सकते हैं. भैरव बाबा के चरणों में काला धागा अर्पित करें. पांच मिनट ध्यान लगाकर इसे दाएं पैर में बांध लें. मान्यता है कि इससे बाधाएं दूर होती हैं.'
3. स्वास्थ्य या लंबे समय से चली आ रही परेशानी से राहत के लिए सरसों के तेल में चुपड़ी रोटी काले कुत्ते को खिलाएं और मन ही मन काल भैरव का स्मरण करें.
4. धन-समृद्धि और सुख-सुविधाओं की कामना के लिए मिट्टी के दीपक में सरसों का तेल डालकर भैरव मंत्र का जाप करें. वहीं परिवार में तनाव बना हो, तो स्नान के बाद शिवजी के समक्ष बैठकर श्रद्धापूर्वक शिव चालीसा का पाठ करें.
5. कालाष्टमी के दिन उड़द की दाल का दान करने से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है. उड़द की दाल को भी शनि ग्रह से संबंधित माना जाता है. इससे प्रेम जीवन अच्छा होता है.
