करैत सांप से पति की हत्या की साजिश, मेरठ कांड में सपेरे नहीं दुकानदार का नाम आया सामने

मेरठ। मेरठ के हस्तिनापुर कस्बे में हुई अतुल पंवार की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। पुलिस ने भले ही हत्याकांड का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी पत्नी दामिनी और उसके प्रेमी तुषार सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया हो, लेकिन इस वारदात से जुड़े कई महत्वपूर्ण तार अब भी अनसुलझे हैं।
तस्करी और प्रतिबंधित दवाओं के स्रोत पर उठे सवाल
वारदात में इस्तेमाल किए गए अति जहरीले 'करैत' सांप की तस्करी कहां से की गई, इस बात का खुलासा करने में पुलिस अब तक नाकाम रही है। सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि जिन्हें पुलिस पहले पेशेवर सपेरा मान रही थी, वे असल में स्थानीय बाजारों में कपड़े और कॉस्मेटिक बेचने वाले फड़ विक्रेता निकले। एक आरोपी की मां का यह भी कहना है कि उसका बेटा छोटे कीट-पतंगों से भी डरता है। ऐसे में इन आम दुकानदारों के पास इतना खतरनाक सांप कहां से आया, यह वन्यजीव तस्करी के बड़े रैकेट की ओर इशारा करता है। इसके अलावा, अतुल को दूध में मिलाकर दी गई भारी मात्रा में नशीली और प्रतिबंधित नींद की गोलियां बिना डॉक्टर के पर्चे के कहां से और किसने उपलब्ध कराईं, इस पर भी संशय बना हुआ है।
बीमा राशि हड़पने की थी साजिश
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि मृतक अतुल कुमार और उनकी पत्नी दामिनी का प्रेम विवाह 2019 में हुआ था। पिछले चार महीनों से वे अपने छह वर्षीय बेटे के साथ हस्तिनापुर की जे ब्लॉक कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहे थे और उन्होंने कुछ समय पहले ही एक प्ले स्कूल शुरू किया था। अतुल के स्कूल में बस चालक के रूप में काम करने वाले तुषार के साथ दामिनी के अवैध संबंध थे। इसी प्रेम प्रसंग के चलते दोनों ने अतुल को रास्ते से हटाने की साजिश रची, ताकि वे अतुल के 20 लाख रुपये के बीमे की रकम हड़प सकें। तय योजना के तहत ही नींद की गोलियां देकर उन्हें बेहोश किया गया और फिर सांप से डसवाकर हत्या को प्राकृतिक मौत का रूप देने की कोशिश की गई।
पुलिस का पक्ष और आगे की कार्रवाई
एसपी देहात अभिजीत कुमार और अन्य अधिकारियों का कहना है कि मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और उन्होंने अपना जुर्म कबूल भी कर लिया है। हालांकि, सीओ पंकज लवानिया का दावा है कि इस षड्यंत्र में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल अन्य लोगों की संलिप्तता की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस का यह भी कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि इस जघन्य अपराध से जुड़े किसी भी अपराधी को बख्शा न जा सके।
