ताशकंद में पीएम मोदी ने प्रवासियों को सराहा, कहा- दोनों देशों के रिश्तों का जीवंत सेतु

ताशकंद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज्बेकिस्तान का अपना दौरा समाप्त कर 31 अगस्त को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक रवाना होंगे, जहां वे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की 26वीं शिखर बैठक में शामिल होंगे। संगठन की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित इस सम्मेलन का केंद्रीय विषय 'एससीओ के 25 वर्ष: टिकाऊ शांति, विकास और समृद्धि की ओर साझा कदम' तय किया गया है। बिश्केक में 31 अगस्त को स्वागत रात्रिभोज का आयोजन होगा, जिसके बाद अगले दिन मुख्य सत्र आयोजित किया जाएगा। इस मंच से प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन होगा और वे कई वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। इससे पूर्व मई में एससीओ के महासचिव नुरलान येरमेकबायेव ने भारत आकर नालंदा यूनिवर्सिटी का भ्रमण किया था।
उज्बेकिस्तान के साथ प्रगाढ़ होते संबंध और रणनीतिक साझेदारी
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच गहरे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक जुड़ाव को देखते हुए इस दौरे से द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। ताशकंद प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी में भारतीय संस्कृति के विशेषज्ञों और विद्वानों से संवाद करेंगे। राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ प्रधानमंत्री की यह मुलाकात द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करेगी। इससे पहले दोनों नेताओं की भेंट 2023 में दुबई के कॉप-28, 2024 में कजान ब्रिक्स सम्मेलन और 2025 में तियानजिन एससीओ समिट के दौरान हुई थी।
संपर्क मार्ग की चुनौतियां और खनिजों की आपूर्ति
उज्बेकिस्तान प्राकृतिक और रणनीतिक खनिजों का एक बड़ा केंद्र है, जिनकी भारत को अत्यधिक आवश्यकता है। दोनों देश दीर्घकालिक आपूर्ति श्रृंखला स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। उज्बेकिस्तान में भारत की राजदूत स्मिता पंत के अनुसार, दोनों राष्ट्र एक-दूसरे के लिए प्राकृतिक व्यापारिक साझेदार हैं। आयात-निर्यात की अपार संभावनाओं के बावजूद भौगोलिक संपर्क (कनेक्टिविटी) एक मुख्य बाधा बनी हुई है। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेता व्यापारिक मार्गों को सुगम बनाने और कनेक्टिविटी की बाधाओं को दूर करने पर विशेष चर्चा करेंगे।
व्यापार में उछाल और नए समझौतों पर हस्ताक्षर
वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री मोदी की पहली द्विपक्षीय उज्बेकिस्तान यात्रा के बाद से दोनों देशों के व्यापार में 300 प्रतिशत का उछाल आया है, जबकि भारतीय निवेश में 700 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। इस बार दोनों देश स्वास्थ्य, कृषि, फार्मास्युटिकल, पारंपरिक चिकित्सा और फिनटेक जैसे आधुनिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। यात्रा के दौरान इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। यह प्रधानमंत्री का चौथा उज्बेकिस्तान दौरा है, इससे पहले वे 2015 के अलावा 2016 और 2022 में भी यहां आ चुके हैं।
ताशकंद में भारतीय प्रवासियों और स्थानीय कलाकारों का उत्साह
ताशकंद पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का अत्यंत आत्मीय और भव्य स्वागत किया गया। स्थानीय कलाकारों, युवाओं और बच्चों के एक दल ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम के दौरान एक नन्हे बच्चे के साथ प्रधानमंत्री का सहज जुड़ाव आकर्षण का केंद्र बना रहा। स्थानीय नागरिकों और भारतीय प्रवासी समुदाय ने प्रधानमंत्री की इस यात्रा को लेकर भारी उत्साह जताया।
