महिला आरक्षण बिल पर सियासी घमासान, विधायक दीप्ति का विपक्ष पर हमला

उदयपुर। पटेल सर्किल स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल महिलाओं को सत्ता और नेतृत्व में उचित हिस्सेदारी देने के खिलाफ हैं।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम का गिरना दुखद
विधायक ने संसद में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के पारित न हो पाने पर गहरा क्षोभ व्यक्त किया। उन्होंने कहा:
- बहुमत का अभाव: आवश्यक समर्थन न मिलने के कारण 33 प्रतिशत महिला आरक्षण बिल का गिरना देश की आधी आबादी के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।
- विपक्ष की भूमिका: उन्होंने कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए कहा कि उनकी मानसिकता महिला विरोधी है और वे नहीं चाहते कि महिलाएं निर्णय लेने वाली भूमिकाओं में आएं।
ममता बनर्जी पर पलटवार
दीप्ति माहेश्वरी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के रुख पर भी हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि एक महिला मुख्यमंत्री द्वारा इस विधेयक का विरोध करना समझ से परे और दुखद है। उन्होंने जोर दिया कि महिलाओं के अधिकारों के लिए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर समर्थन मिलना चाहिए था।
नेतृत्व में महिलाओं की अहमियत
प्रेस वार्ता के दौरान विधायक ने महिलाओं की प्रशासनिक क्षमता पर भरोसा जताते हुए कहा:
"यदि शासन की बागडोर महिलाओं के हाथों में सौंपी जाती है, तो न केवल व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी, बल्कि भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी।"
संगठन और सुरक्षा पर सफाई
भाजपा संगठन के भीतर महिलाओं की सुरक्षा और भागीदारी से जुड़े सवालों को उन्होंने पूरी तरह खारिज कर दिया। माहेश्वरी ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी में महिलाओं को पूरा सम्मान और बराबरी के अवसर मिल रहे हैं।
