‘लोगों का भरोसा बरकरार’, One Nation One Election को लेकर CEC ज्ञानेश कुमार का बयान

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने 'एक देश, एक चुनाव' की अवधारणा को लेकर बेहद महत्वपूर्ण स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भारतीय संविधान के भीतर ऐसी कोई प्रत्यक्ष व्यवस्था या ढांचा मौजूद नहीं है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने जोर देकर कहा कि देश का निर्वाचन आयोग पूरी तरह से संवैधानिक मर्यादाओं और नियमों के अनुसार ही अपनी कार्यप्रणाली संचालित करता है और वह इसके दायरे से बाहर जाकर कोई भी नया कदम नहीं उठा सकता है।

संवैधानिक प्रावधानों पर चुनाव आयोग का रुख

मुख्य चुनाव आयुक्त ने मीडिया से बातचीत के दौरान स्पष्ट रूप से कहा कि फिलहाल हमारी मौजूदा संवैधानिक व्यवस्था में 'एक देश, एक चुनाव' को लेकर किसी भी प्रकार का कानूनी प्रावधान शामिल नहीं है। उन्होंने दृढ़ता के साथ यह बात दोहराई कि निर्वाचन आयोग केवल और केवल संविधान में लिखित प्रक्रियाओं के आधार पर ही चलता है, उससे इतर जाकर निर्णय लेना आयोग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। इस बयान के बाद चुनाव प्रणाली को लेकर चल रही तमाम राजनीतिक चर्चाओं पर आयोग की स्थिति पूरी तरह साफ हो गई है।

मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम की सफलता

अपने संबोधन के दौरान चुनाव आयुक्त ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस बार चलाए गए व्यापक अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिसके तहत मतदाता सूची को पूरी तरह से पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए जमीनी स्तर पर बड़े प्रयास किए गए। इस गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया की सफलता के कारण ही बड़ी संख्या में नए और योग्य मतदाताओं के नाम सूची में जोड़े जा सके हैं, जिससे लोकतांत्रिक प्रणाली और मजबूत हुई है।

मतदान प्रतिशत में ऐतिहासिक बढ़ोतरी

आयोग द्वारा किए गए इन ढांचागत सुधारों और जागरूकता अभियानों का सीधा असर आगामी चुनावों में मतदान के आंकड़ों पर दिखाई देने लगा है। मुख्य चुनाव आयुक्त के अनुसार, हालिया प्रक्रियाओं के बाद मतदान प्रतिशत में एक बेहद उल्लेखनीय और बड़ा उछाल दर्ज किया गया है। यह बढ़ोतरी दर्शाती है कि देश का आम नागरिक अब अपने मताधिकार के प्रति पहले से कहीं अधिक जागरूक हो चुका है और वह लोकतांत्रिक महापर्व में बढ़-चढ़कर अपनी हिस्सेदारी सुनिश्चित कर रहा है।

निर्वाचन प्रक्रिया पर जनता का बढ़ता भरोसा

मतदान प्रतिशत में आया यह ऐतिहासिक उछाल इस बात का सबसे बड़ा और पुख्ता प्रमाण है कि देश के मतदाताओं का भारत निर्वाचन आयोग की संपूर्ण निष्पक्ष प्रक्रिया और विश्वसनीयता पर अटूट भरोसा है। चुनाव आयुक्त ने कहा कि आम जनता का यही विश्वास आयोग को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चुनाव संपन्न कराने की प्रेरणा देता है। आयोग भविष्य में भी तकनीक और जनभागीदारी के माध्यम से इस लोकतांत्रिक प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।

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