Punjab Municipal Elections 2026 का ऐलान, 26 मई को होगा मतदान

चंडीगढ़| पंजाब में स्थानीय निकाय चुनावों का बिगुल फूंका जा चुका है। राज्य चुनाव आयोग ने शहरी क्षेत्रों में लोकतंत्र के इस उत्सव के लिए तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। राज्य चुनाव आयुक्त राजकमल चौधरी ने चंडीगढ़ में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि इन चुनावों के माध्यम से आठ नगर निगमों और कई नगर परिषदों को नए जनप्रतिनिधि मिलेंगे।
निकाय चुनाव का पूरा कार्यक्रम
आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार:
नामांकन: उम्मीदवार 13 से 16 मई तक (सुबह 11 से दोपहर 3 बजे के बीच) अपने पर्चे दाखिल कर सकेंगे।
जांच व वापसी: नामांकन पत्रों की जांच 18 मई को होगी, जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 19 मई तय की गई है।
मतदान व परिणाम: पूरे राज्य में 26 मई को वोट डाले जाएंगे और 29 मई को मतगणना के बाद चुनाव परिणामों की घोषणा की जाएगी।
इन शहरों में होगा मुकाबला
इस वर्ष पंजाब के आठ प्रमुख नगर निगमों में चुनावी घमासान देखने को मिलेगा, जिनमें मोहाली, बठिंडा, अबोहर, बरनाला, कपूरथला, मोगा, बटाला और पठानकोट शामिल हैं। इनके अलावा 76 नगर परिषदों और 21 नगर पंचायतों में भी मतदान होगा। मतदाताओं की सुविधा के लिए कुल 3,977 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं।
मतदाताओं की संख्या और आचार संहिता
इन चुनावों में कुल 36,72,932 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें लगभग 18 लाख पुरुष और 17.73 लाख महिला मतदाता शामिल हैं। चुनाव की घोषणा के साथ ही पूरे प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। सुरक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों के तबादलों पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।
कड़े नियम और डिजिटल प्रक्रिया
चुनाव आयोग ने इस बार पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया है:
डिजिटल नामांकन: नामांकन प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित की जाएगी और उम्मीदवारों के शपथ पत्र (संपत्ति व आपराधिक रिकॉर्ड) सार्वजनिक किए जाएंगे।
खर्च की सीमा: नगर निगम उम्मीदवारों के लिए चुनावी खर्च की सीमा 4 लाख रुपये, नगर परिषद के लिए 3.60 लाख रुपये और नगर पंचायत के लिए 1.40 लाख रुपये निर्धारित की गई है।
सुरक्षा व्यवस्था: शांतिपूर्ण मतदान के लिए करीब 35,500 पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। नामांकन के दौरान केंद्रों पर वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए निगरानी रखी जाएगी।
प्रशासन और पुलिस विभाग को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि मतदाता बिना किसी डर या प्रलोभन के अपने प्रतिनिधि चुन सकें।
