बारिश ने बिगाड़ी दिल्ली-गुरुग्राम की रफ्तार, जगह-जगह जलभराव से लगा लंबा जाम

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और पूरे एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश के चलते आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। दिल्ली, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद के कई प्रमुख इलाकों में भारी जलभराव होने से सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार थम गई। बारिश से सबसे ज्यादा भयावह स्थिति गुरुग्राम में देखने को मिली, जहाँ प्रमुख सड़कों के अलावा रिहायशी इलाकों में भी पानी भर गया।
दिल्ली-एनसीआर में जलभराव, एयरपोर्ट फ्लाईओवर पर थमी रफ्तार
दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे के पास बने फ्लाईओवर पर भारी मात्रा में पानी भर जाने से वाहनों की आवाजाही बेहद धीमी हो गई। उधर गुरुग्राम के सेक्टर 22 बाजार रोड, सोहना रोड और थर्टी-सेकंड एवेन्यू रोड पर जलभराव की स्थिति काफी विकराल रही। गुरुग्राम के सेक्टर चार में तो एक शव लेकर जा रही एम्बुलेंस गहरे पानी में फंस गई, जिससे एम्बुलेंस चालक और उसमें सवार लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पूर्व में हुडा द्वारा विकसित यह पॉश इलाका हल्की बारिश में भी जलमग्न हो जाता है।
गाजियाबाद और फरीदाबाद में भी अंडरपास डूबे, यातायात पुलिस अलर्ट
गाजियाबाद में लाल कुआं से शहर की ओर आने वाले मुख्य मार्ग पर जलभराव के कारण वाहनों का लंबा जाम लग गया, वहीं बम्हेटा गांव से बुलंदशहर औद्योगिक क्षेत्र को जोड़ने वाले अंडरपास में पानी भरने से आवाजाही बंद हो गई। इसी तरह फरीदाबाद में 60 फीट रोड से चाचा चौक और बल्लभगढ़ बस डिपो के बाहर पानी भर जाने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। पूरे एनसीआर में ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए यातायात पुलिसकर्मी चौराहों और जलभराव वाले संवेदनशील प्वाइंट्स पर मुस्तैद दिखे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया औचक निरीक्षण, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
दिल्ली में बारिश से उपजी स्थिति का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को प्रभावित इलाकों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने पूर्वी दिल्ली में सद्भावना पार्क के आसपास के क्षेत्रों का दौरा कर जल निकासी व्यवस्था (ड्रेनेज सिस्टम) की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तुरंत वाटर पंप लगाने और अन्य संसाधनों को तैनात कर सड़कों से पानी हटाने के सख्त निर्देश दिए। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि मानसून के दौरान सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें ताकि किसी भी इलाके में जलभराव न हो और दिल्लीवासियों को असुविधा का सामना न करना पड़े।
