राजस्थान बनेगा पेट्रोकेमिकल हब: मुख्यमंत्री आवास पर 18 महत्वपूर्ण समझौतों पर मुहर

जयपुर। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में राजस्थान पेट्रो जोन (RPZ) के विकास के लिए 18 त्रिपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। ये समझौते एचपीसीएल रिफाइनरी, उद्योग विभाग और विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के बीच हुए हैं, जो प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति देंगे।
सीधी सप्लाई और उत्पादन में तेजी
इन समझौतों का मुख्य उद्देश्य बालोतरा स्थित पेट्रो जोन के उद्योगों को पचपदरा रिफाइनरी से सीधे पेट्रोकेमिकल उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इससे कच्चे माल की उपलब्धता आसान होगी। आगामी 21 अप्रैल को पचपदरा रिफाइनरी के उद्घाटन के साथ राजस्थान एक बड़े पेट्रोकेमिकल हब के रूप में उभरेगा।
तीन चरणों में विकास योजना
राजस्थान पेट्रो जोन को 1022 हेक्टेयर में विकसित किया जा रहा है। प्रथम चरण में 86 भूखंड तैयार हैं, जिनमें से 45 का आवंटन हो चुका है। दूसरे चरण में 213 हेक्टेयर में 257 नए भूखंड विकसित होंगे, जबकि तीसरे चरण में 780 हेक्टेयर विस्तार की योजना है। निवेशकों के लिए यहाँ 'प्लग एंड प्ले' शेड्स और आधुनिक आधारभूत सुविधाएं तैयार की गई हैं।
रोजगार और औद्योगिक क्रांति
रिफाइनरी से मिलने वाले पॉलीप्रोपाइलीन और बेंजीन जैसे उत्पादों से प्लास्टिक, ऑटोमोबाइल पार्ट्स और मेडिकल उपकरणों का उत्पादन होगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के भारी अवसर सृजित होंगे और राजस्थान वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग मानचित्र पर मजबूती से स्थापित होगा।
