अमेरिका में आत्महत्या के मामलों में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी, जानकार बंदूकों के चलाने का मान रहे कारण 

न्यूयॉर्क । अमेरिका में आत्महत्या करने की घटनाओं में पिछले साल रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी दिखाई दी। नए सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले एक साल में अमेरिका में लगभग 49,500 लोगों ने अपनी जान ले ली, जो अब तक की सबसे ज्यादा संख्या है। अभी तक इस साल के लिए आत्महत्या के आंकड़ों की गिननी नहीं की है। फिर भी उपलब्ध आंकड़ों से पता चलता है कि द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत के बाद से किसी भी समय की तुलना में अमेरिका में आत्महत्याएं इस समय सबसे ज्यादा आम बात हो गईं हैं। 
45 वर्षीय महिला क्रिस्टीना विल्बर ने कहा कि ‘जरूर कुछ गड़बड़ है। यह संख्या नहीं बढ़नी चाहिए। उनके बेटे ने पिछले साल खुद को गोली मार ली थी।  उन्होंने कहा कि ‘मेरे बेटे को मरना नहीं चाहिए था। मुझे पता है कि यह जटिल है। लेकिन हमें कुछ करने में सक्षम होना होगा। कुछ ऐसा जो हम नहीं कर रहे हैं। क्योंकि अभी हम जो कुछ भी कर रहे हैं, वह मदद नहीं कर रहा है। जबकि जानकार कहते हैं कि आत्महत्या जटिल मुद्दा है और हाल ही में हुई बढ़ोतरी के पीछे कई कारण हो सकते हैं। जिसमें डिप्रेशन की अधिक दर और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की सीमित उपलब्धता शामिल है। 
जानकार कहते हैं कि इसका मुख्य कारण बंदूकों की बढ़ती उपलब्धता है। बंदूकों से की गई आत्महत्या की कोशिश अन्य तरीकों से किए गए प्रयासों की तुलना में कहीं अधिक बार मौत का कारण बनती हैं। अमेरिका में बंदूकों की बिक्री में और ज्यादा से ज्यादा घरों में बंदूक रखने की आदत भी बढ़ी है।  एक रिसर्च में 2022 के शुरुआती डेटा का उपयोग करके पता लगाया गया कि देश की बंदूकों से की गई आत्महत्याओं की दर पिछले साल अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। पहली बार अश्वेत किशोरों में बंदूक से आत्महत्या की दर श्वेत किशोरों की तुलना में ज्यादा है। इस सदी के शरुआती दशक से 2018 तक अमेरिका में आत्महत्याओं में लगातार बढ़ोतरी हुई। जब सुसाइड की राष्ट्रीय दर 1941 के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। उस साल आत्महत्या से लगभग 48,300 मौतें हुईं, या हर 100,000 अमेरिकियों पर 14.2 सुसाइड किए गए। साल 2019 में अमेरिका में आत्महत्या दर थोड़ी गिर गई। मगर लेकिन 2021 में आत्महत्याओं में 4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।  पिछले साल के नए आंकड़ों के मुताबिक यह संख्या 1,000 से ज्यादा बढ़कर 49,449 हो गई। जो पिछले साल की तुलना में लगभग 3 फीसदी की बढ़ोतरी थी। 

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