SC की ASI को फटकार, पूछा- क्या काई के पंख हैं जो ताज पर बैठ जाती है

नई दिल्ली। ताजमहल के रखरखवा और उसके बदलते रंग को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पुरातत्व विभाग को कड़ी फटकार लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण विद एमसी मेहता द्वारा इसके संरक्षण को लेकर लगाई याचिका पर सुनवाई के दौरान एएसआई से पूछा कि क्या काई के पंख होते हैं जो ताजमहल पर जाकर बैठ जाती है। सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी एएसआई द्वारा ताज को लेकर दिए जवाब पर की।
एएसआई ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि ताज का रंग गंदे मोजों को काई की वजह से पीला पड़ रहा है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने एएसआई को फटकार लगाते हुए कहा कि वो यह मानना ही नहीं चाहते कि कोई समस्या है। अगर एएसआई ने अपना काम किया होता तो यह स्थिति पैदा ही नहीं होती। अगर वो यह मानने को तैयार नहीं है कि समस्या है तो उसे दुनिया में मशहूर धरोहर ताज की जिम्मेदारी नहीं दी जानी चाहिए।
जानकारी के अनुसार सुनवाई में एएसआई ने कहा कि ताजमहल का फर्श गंदे मोजों की वजह से खराब हुआ है। जो लोग मोजे पहनकर नहीं आते उन्हें हम मोजे देते हैं लेकिन कुछ लोग अपने मोजे ही पहनकर उसे देखने जाते हैं। साथ ही काई भी एक बड़ी समस्या है।
इस पर कोर्ट ने आश्चर्य जताते हुए पूछा कि यह काई ताज के ऊपर कैसे पहुंची? इस पर एएसआई ने कहा कि वो वहां उड़कर पहुंची। इस पर कोर्ट ने पूछा कि क्या काई उड़ सकती है?
इस दौरान याचिकाकर्ता ने कहा कि यमुना की मछलियां काई को खा जाती हैं लेकिन सरकार वहां बैराज बना रही है जिससे मछलियां कम हो रही हैं।
मामले में अगली सुनवाई जुलाई में होगी और केंद्र सरकार को अगले चार हफ्ते में अपना जवाब दाखिल करना है।
