हरिद्वार से अलीगढ़ तक दांतों के दम पर कार खींच रहे शिवभक्त, अनोखी कांवड़ बनी आकर्षण

जट्टारी — भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा और भक्ति का एक अनूठा उदाहरण पेश करते हुए जट्टारी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव छजूपुर के 25 वर्षीय निवासी नरेंद्र चौधरी उर्फ टिकना अपनी दांतों से कार खींचते हुए अनूठी कांवड़ यात्रा पर निकले हैं। इस कार के ऊपर 11 लीटर पवित्र गंगाजल और भगवान शिव की प्रतिमा विराजमान है। वाहन और प्रतिमा समेत इस पूरे सेटअप का कुल वजन लगभग 10 क्विंटल (एक टन) बताया जा रहा है।

हरिद्वार से शुरू हुई यात्रा, 10 अगस्त को होगा समापन

नरेंद्र ने जानकारी दी कि उन्होंने गत 10 जुलाई को हरिद्वार से अपनी यह कठिन यात्रा आरंभ की थी और उनका लक्ष्य आगामी 10 अगस्त तक अपने पैतृक गांव पहुंचने का है। इसके उपरांत, सावन मास के दूसरे सोमवार को वे गांव के प्राचीन अंडारेश्वर महादेव मंदिर में इसी 11 लीटर गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। बृहस्पतिवार शाम तक वे जेवर हवाई अड्डा क्षेत्र को पार कर चुके थे। उन्होंने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य मूक गोवंश को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा दिलाने और भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग को देश के जन-जन तक पहुंचाना है। उनकी इस साहसिक यात्रा के वीडियो सोशल मीडिया पर भी काफी तेजी से वायरल हो रहे हैं।

साथ चल रहे हैं गांव के अन्य कांवड़िए

इस कठिन यात्रा में नरेंद्र अकेले नहीं हैं, बल्कि उनके साथ गांव के ही हरिओम शर्मा, मोना बाबा, शंकर दादा, जगत जाट और कालू जैसे युवा भी अपने कंधों पर 41 लीटर गंगाजल की कांवड़ उठाकर साथ चल रहे हैं।

अपनी इस अनोखी क्षमता के बारे में बताते हुए नरेंद्र ने साझा किया कि करीब आठ महीने पहले उन्होंने 50 किलो चीनी की बोरी दांतों से खींचकर इस अभ्यास की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने अभ्यास बढ़ाते हुए ट्रैक्टर, ट्रक और एक साथ छह-छह वाहनों तक को दांतों से खींचने का कारनामा कर दिखाया है। इससे पहले मई के महीने में वे अपने गांव से वृंदावन तक कार खींचकर प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने भी पहुंचे थे। ज्ञात हो कि पिता के निधन के बाद से वे अपने परिवार की पैतृक कृषि संभाल रहे हैं।

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