यूपी में दिल दहला देने वाली वारदात, शिक्षक ने अगवा कर कारोबारी के बेटे वैभव की कर दी हत्या

गोरखपुर| उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के खजनी कस्बे के प्रतिष्ठित सराफा कारोबारी हनुमान वर्मा के परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा है कि पूरा इलाका स्तब्ध है। कुछ ही समय पहले पत्नी के असमय निधन के अपने गहरे शोक से उबरने का प्रयास कर रहे पिता हनुमान के आँगन की खुशियाँ तब पूरी तरह उजड़ गईं जब उनके 10 वर्षीय मासूम बेटे वैभव वर्मा का अपहरण के बाद नृशंस हत्या कर दी गई। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे संयुक्त परिवार को झकझोर कर रख दिया है, और दादा-दादी तथा परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मासूम वैभव का अपहरण और दर्दनाक अंत

प्राप्त विवरण के अनुसार, खजनी कस्बे के जाने-माने सराफा व्यवसायी हनुमान वर्मा का सबसे छोटा बेटा वैभव सोमवार दोपहर को स्कूल से घर लौटा था। स्कूल का बस्ता रखने और गणवेश बदलने के पश्चात वह अपनी नई साइकिल लेकर घर से बाहर निकला था, जिसके बाद वह रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया। कुछ ही देर बाद उसकी साइकिल लावारिस हालत में और पास के खेत से उसकी एक चप्पल बरामद हुई। परिजनों की सूचना पर तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने तत्काल गुमशुदगी का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी।

आसपास खंगाले गए सीसीटीवी कैमरो के फुटेज में पड़ोस में ही रहने वाला एक कंप्यूटर शिक्षक सर्वेश भट्ट बालक के पीछे जाता हुआ संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिया। कड़ाई से पूछताछ और आरोपी के घर की ली गई तलाशी के दौरान उसके मकान के बेसमेंट से मासूम वैभव का शव बरामद कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या के कारणों का पता लगाने के लिए आगे की जाँच की जा रही है।

संयुक्त परिवार की उजड़ी दुनिया और दादा-दादी का क्रंदन

सबसे छोटा होने के कारण वैभव अपने दादा लक्ष्मी नारायण वर्मा और दादी द्रौपदी देवी की आँखों का तारा था। दादी उसे पलभर के लिए भी अपनी नजरों से दूर नहीं होने देती थीं, जबकि दादा उसे अक्सर अपनी दुकान तक साथ ले जाया करते थे। घर में बड़ा संयुक्त परिवार होने के कारण हमेशा चहल-पहल रहती थी, लेकिन मात्र एक महीने के भीतर बहु और पोते दोनों को खो देने के इस असहनीय दर्द ने तीन पीढ़ियों को झकझोर दिया है। वैभव की मासूम खिलखिलाहट और उसकी शरारतें पूरे परिवार की जान थीं, जो अब हमेशा के लिए खामोश हो चुकी हैं।

कस्बे में उपजा भारी आक्रोश और थाने का घेराव

बच्चे का शव मिलने की दुखद सूचना आग की तरह पूरे क्षेत्र में फैल गई, जिससे खजनी कस्बे में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। आक्रोशित व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने खजनी-सिकरीगंज एवं खजनी-मल्हनपार मुख्य मार्ग को जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने खजनी थाने का घेराव करते हुए आरोपी के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई, उसके घर पर बुलडोजर चलाने और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की पुरजोर माँग की।

स्थिति की गंभीरता को भाँपते हुए जिलाधिकारी (DM) दीपक मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. कौस्तुभ सहित तमाम उच्च अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। अधिकारियों ने शोकाकुल परिजनों और आक्रोशित भीड़ को निष्पक्ष और त्वरित न्याय का भरोसा दिलाया। घंटों चली लंबी बातचीत और प्रशासन के ठोस आश्वासन के बाद शाम को जाम समाप्त कराया गया। एहतियात के तौर पर पूरे कस्बे में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में बनी रहे।

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