दिल्ली दौरे के बाद अटकलें तेज, शिंदे गुट के दो सांसदों को मिल सकती है कैबिनेट में जगह

मुंबई: महाराष्ट्र की सियासत में अपनी ताकत का लोहा मनवाने के बाद अब देश की राजधानी दिल्ली में भी सूबे के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का सियासी कद और दखल बढ़ने जा रहा है। सूत्रों के हवाले से बेहद अहम जानकारी सामने आ रही है कि मोदी कैबिनेट के आगामी विस्तार में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के दो सांसदों को केंद्रीय मंत्री के रूप में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। हालांकि, इस कैबिनेट फेरबदल की तय तारीख और नए मंत्रियों के नामों का अभी तक कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर हलचल बेहद तेज है।

कैबिनेट की रेस में ये नाम सबसे आगे

मीडिया गलियारों में चल रही खबरों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह पाने के लिए मुख्यमंत्री के बेटे व सांसद श्रीकांत शिंदे और ओमराजे निम्बालकर के नामों की चर्चा सबसे ज्यादा है। इसके साथ ही मंत्री पद की इस दौड़ में संजय दीना पाटिल के नाम पर भी कयास लगाए जा रहे हैं। इसी सिलसिले में अंतिम फैसले और नाम तय करने के लिए एकनाथ शिंदे के बुधवार को दिल्ली का दौरा करने की भी प्रबल संभावना जताई जा रही है।

'ऑपरेशन टाइगर' से बढ़ी शिंदे गुट की ताकत

सांसद श्रीकांत शिंदे को महाराष्ट्र की राजनीति में हाल ही में अंजाम दिए गए 'ऑपरेशन टाइगर' का मुख्य रणनीतिकार माना जाता है। इसी रणनीति के तहत उद्धव ठाकरे गुट के 6 सांसदों ने पाला बदलते हुए एकनाथ शिंदे का दामन थाम लिया था। इन 6 सांसदों के साथ आने के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर शिंदे गुट की ताकत और सौदेबाजी की क्षमता (बार्गेनिंग पावर) में जबरदस्त इजाफा हुआ है।

'दाढ़ी पर हाथ फेरना ही बड़ी रणनीति का संकेत'

शिवसेना के वरिष्ठ नेता और मंत्री गुलाबराव पाटिल ने श्रीकांत शिंदे की कार्यशैली की खुलकर सराहना की है। उन्होंने एक दिलचस्प बयान देते हुए कहा कि जल्द ही एक और बड़ी राजनीतिक मुहिम कामयाब होने वाली है। पाटिल ने चुटकी लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ज्यादा बोलते नहीं हैं, लेकिन जब वह अपनी दाढ़ी पर हाथ फेरते हैं, तो समझ लीजिए कि कोई बहुत बड़ी और सफल राजनीतिक रणनीति जमीन पर उतरने वाली है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इस बात को तो अब आदित्य ठाकरे भी अच्छी तरह स्वीकार करते हैं।

उद्धव गुट में फिर बड़ी बगावत के आसार, 14 विधायक संपर्क में

गुलाबराव पाटिल ने एक और बड़ा दावा करके विपक्षी खेमे में खलबली मचा दी है। उनका कहना है कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के कम से कम 14 और विधायक जल्द ही बगावत कर अलग हो सकते हैं। उन्होंने साफ संकेत दिए हैं कि संसद के आगामी मानसून सत्र के दौरान महाराष्ट्र की राजनीति में कई और बड़े सियासी उलटफेर देखने को मिल सकते हैं।

विधानसभा चुनाव के बाद दिल्ली में बढ़ा दबदबा

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर चली लंबी खींचतान के बीच, केंद्र सरकार (दिल्ली) में एकनाथ शिंदे की यह मजबूत होती पकड़ काफी मायने रखती है। यदि आगामी विस्तार में शिवसेना के दो सांसदों को केंद्रीय कैबिनेट में जगह मिल जाती है, तो यह राज्य और देश की राजनीति में एकनाथ शिंदे के बढ़ते वर्चस्व और दबदबे पर पक्की मुहर लगा देगा।

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